नोएडा के नक्सली गैंग को पिस्टलें मुहैया कराने वाला सौरभ कोई आर्म्स डीलर नहीं, बल्कि इस गैंग तक माल पहुंचाने वाला सप्लायर है। यह बात एटीएस की स्थानीय यूनिट की जांच में साफ हो गई है। उसके कुछ तस्कर गिरोहों से संपर्क हैं और वह उन्हीं की मदद से ब्रजमोहन-आशीष के संपर्क में आकर नक्सलियों तक हथियार पहुंचा रहा था।
इस जानकारी के मिलने के बाद एटीएस टीमों ने खैर, गोंडा, टप्पल व राया के उन हथियार तस्करों को जमीन से खोदने का प्रयास शुरू कर दिया है जो अचानक इस एपीसोड के बाद भूमिगत हो गए हैं।
चंडौस के गंाव थानपुर निवासी सौरभ के घर मंगलवार देर रात एटीएस की नोएडा टीम ने दबिश दी थी। यहां सौरभ के विषय में पता चला कि वह राया के निजी कॉलेज से बीए अंतिम वर्ष का छात्र है। पिता की दुर्घटना में मौत होने के बाद से दादा परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
वह पिछले काफी समय से गांव से एसएससी की परीक्षा देने जाने की बात कहकर गया है। उसके बाद से घर नहीं लौटा। मंगलवार देर रात जब एटीएस टीम उसके घर पहुंची तो परिजनों को उसकी करतूत मालूम हुई। यहां एटीएस ने जो कुछ बताया वह सुनकर खुद परिजन हैरान रह गए। परिजनों को एटीएस ने बताया कि उनका बेटा अलीगढ़ जनपद के खैर, गोंडा, टप्पल क्षेत्र के उन हथियार तस्करों का सप्लायर है, जो मध्य प्रदेश से देशी पिस्टलें लाकर बेचते हैं। यह तस्कर सीधे मध्य प्रदेश के हथियार बनाने वाले के संपर्क में हैं।
वह ऑर्डर पर वहां से माल लेकर आते हैं और अपने स्तर पर सप्लायरों की मदद से इधर उधर सप्लाई पहुंचाते हैं। सप्लाई पहुंचाने वालों को कमीशन मिलता है और उन्हें ग्राहक लाने पर भी कमीशन मिलता है। सौरभ कुछ इसी तरह का काम करता था।
यहां सौरभ के परिजनों ने बताया कि वह पिछले दिनों एसएससी की परीक्षा देने गया था। इसके बाद से उसका पता नहीं है। एटीएस की दबिश के बाद बुधवार को भी सौरभ को लेकर चर्चाएं होती रहीं। एटीएस अलीगढ़ यूनिट के इंचार्ज सुनील त्यागी के अनुसार सौरभ को लेकर उनकी टीम लगातार तलाश में जुटी है।
मंगलवार को नोएडा टीम के आने के बाद से मिले इनपुट के बाद सौरभ पर उनका फोकस गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। साथ में सौरभ को हथियार मुहैया कराने वाले पुराने तस्कर रडार पर हैं, जो इस एपीसोड के बाद से भूमिगत हैं।