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80 हजार की रिश्वतखोरी में फंसी लोधा पुलिस?

Sun, 28 Feb 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, अलीगढ़
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पंचायत चुनाव से जुड़े एक मुकदमे में पहले ही दिन से सवालों में घिरी लोधा पुलिस अब जांच से बचने पर खुद को लेकर और ज्यादा संदेह पैदा कर रही है। 80 हजार की रिश्वतखोरी से जुड़ी शिकायत की जांच कर रहे एएसपी हाथरस द्वारा एसओ लोधा व उनकी टीम को बार-बार बुलाया जा रहा है लेकिन जाने के बाद भी वह बयान दर्ज कराने नहीं पहुंच रहे। इसको लेकर पीड़ित पक्ष शनिवार को भी एसएसपी से मिलने पहुंचा।
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लोधा के गांव नदरोई में 1 दिसंबर को मतदान समाप्त होने के बाद रात एक बजे पुलिस ने हरीश व राजकुमार को उठाया। इनके खिलाफ रात में ही एसओ की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें आरोप था कि यह लोग मतदान केंद्र के बाहर मतदान प्रभावित करने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इन्हें टोका तो पुलिस बल पर पथराव कर दिया। कुल मिलाकर मतदान के बाद मतदान प्रभावित करने की योजना बनाना बड़ा सवाल है।
इसके बाद हरीश के चाचा पुरुषोत्तम की ओर से डीआईजी को दी गई लिखित शिकायत में बताया गया कि दोनों को 80 हजार रुपये लेकर थाने से जमानत दे दी गई। जब रकम लेने की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो गांव के एक व्यक्ति के माध्यम से रकम पीड़ित पक्ष के घर वापस पहुंचाई गई। 
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इस तरह गिरफ्तारी व रकम लेकर छोड़ने की शिकायत की जांच डीआईजी के निर्देश पर एएसपी हाथरस ने शुरू की। इस शिकायत की जांच के लिए एएसपी ने शिकायकर्ता पुरुषोत्तम, हरीश, राजकुमार, रुपये वापस लेकर आने वाले महेंद्र के लिए एसओ लोधा, थाने के दरोगा व पुलिसकर्मियों को तलब किया गया। सभी लोग बयान दे आए हैं। मगर लोधा पुलिस से कोई बयान देने नहीं जा रहा और बार-बार उन्हें बुलाया जा रहा है। ----- मामले में शामिल एक व्यक्ति खुद को सीबीआई का अफसर बताकर चुनाव प्रभावित कर रहा था। इसलिए जानकारी पर उसके पक्ष के लोगों को उठाया गया। चूंकि चुनाव समाप्त हो गया था। इसलिए रात में मुकदमा 2 दिसंबर को लिखा गया। इसी बात से चिढ़कर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। रहा सवाल जांच में सहयोग का तो व्यस्तताओं के चलते नहीं पहुंच पाए, बयान देने जाएंगे।- धर्मेंद्र कुमार एसओ लोधा-----------
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