महानगर की प्रमुख मीट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री अल दुआ की गत्ता फैक्ट्री के सुपरवाइजर को कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट ने केबिन में घुसकर लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार दी। इससे गुस्साए श्रमिकों ने हमलावर हसीन चौधरी को दबोचकर पीट पीटकर घायल कर दिया और फैक्ट्री में तोड़फोड़ कर दी। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने बल प्रयोग कर बमुश्किल आरोपी को बचाया। दोनों घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। विवाद के पीछे नोटबंदी के दौरान डेढ़ करोड़ के नोट बदलवाने का कमीशन और श्रमिकों की मजदूरी का बकाया न देना बताया जा रहा है।
महानगर से सटे गोंडा रोड बाईपास इलाके में लोधा क्षेत्र के गांव अमरपुर कोंडला के पास अल दुआ मीट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री की मीट फैक्ट्री के पास में ही उसकी गत्ता फैक्ट्री भी चलती है। इन फैक्ट्रियों में पड़ोस के गांव तालसपुर खुर्द निवासी इकबाल शाह (35) पुत्र मो. शफीक ठेके पर लेबर देने का काम करता है। वह गत्ता फैक्ट्री में बतौर सुपरवाइजर भी कार्यरत है। वहीं इन दोनों फैक्ट्रियों में बतौर प्रबंधक ग्रुप के वाइस प्रेसीडेंट हसीन चौधरी निवासी मोहल्ला मुगल कस्साबपुरा नई दिल्ली कार्यरत हैं।
बताया जा रहा है कि गत्ता फैक्ट्री में तीन माह से कर्मचारियों को भुगतान नहीं मिला है। इसके कारण करीब 60 कर्मचारी पिछले चार दिनों से हड़ताल पर हैं। इसी मसले पर बातचीत के लिए इकबाल ने हसीन को गत्ता फैक्ट्री में बुलाया था। आरोप है कि इकबाल अपने केबिन में बैठा था, तभी हसीन वहां आया। उसे देख इकबाल ने रुपयों की मांग की तो विवाद शुरू हो गया। मारपीट करते हुए हसीन ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से उस पर दो फायर किए। एक में वह बच गया पर दूसरे फायर में गोली उसकी कमर में घुसकर पेट के रास्ते निकल गई। इससे वह जख्मी होकर वहीं गिर पड़ा।
यह देख कर्मचारी आक्रोशित हो गए। उन्होंनेे हसीन को दबोचकर पीटना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में वहां इकबाल के गांव से भी लोग आ गए और काफी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने फैक्ट्री में जमकर तोड़फोड़ की। यह खबर पाकर लोधा, देहली गेट के अलावा शहर के अन्य थानों का फोर्स भी पहुंचा। पुलिस ने समीर को छुड़ाने का प्रयास किया तो लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग किया। हालांकि चर्चा पुलिस द्वारा हवाई फायर किए जाने की भी है। मगर इसकी पुष्टि नहीं हुई। बल प्रयोग की बात भी पुलिस सिरे से नकार रही है।
जैसे तैसे पुलिस ने हसीन को छुड़ाया। गोली लगनेे से घायल इकबाल को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मारपीट के चलते हसीन भी जख्मी हो गया था इसलिए हिरासत में लेकर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। फौरी पूछताछ में इकबाल ने नोटबंदी में करीब डेढ़ रुपये के पुराने नोट बदलवाने का कमीशन और श्रमिकों की मजदूरी मांगने पर हमले का आरोप लगाया है। इकबाल के भाई रफीक की ओर से दी गई तहरीर पर लोधा थाने में हसीन चौधरी व उसके दो अज्ञात साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। फैक्ट्री पर देर शाम तक एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ प्रथम, सीओ द्वितीय सहित कई थानों का फोर्स एहतियातन मौजूद रहा।
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- आपसी लेनदेन व कर्मचारियों के भुगतान से जुड़े विवाद में यह हमला हुआ है। घायल द्वारा नोटबंदी के दौर में रकम बदलवाने का कमीशन न मिलने का मामला अलग से जांच का विषय है। इसमें जांच कराने के साथ-साथ आयकर अधिकारियों से भी मदद ली जाएगी। उस जांच में जो भी मिलेगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश पांडेय, एसएसपी