महानगर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल के हॉस्टल में दूसरी कक्षा के छात्र के साथ वार्डेन के इशारे पर उसके वरिष्ठ छात्रों द्वारा नशीला पेय पिलाकर कुकर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। छात्र की मां की तहरीर पर रविवार दोपहर मुकदमा दर्ज हो गया है। पीड़ित की मां का आरोप है कि स्कूल संचालक आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला के तीन बेटे बन्ना देवी थाना क्षेत्र के एक स्कूल में पढ़ते हैं। तीनों उसी स्कूल के हॉस्टल में ही रहते हैं। आरोप है कि 24 जनवरी से 5 फरवरी के बीच इसी हॉस्टल में रहने वाले कक्षा 10 व कक्षा छह के छात्रों ने वार्डेन के इशारे पर दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले महिला के सबसे छोटे बेटे को नशीला पेय पिलाया। उसके नशे में आते ही कुकर्म किया गया। इस दौरान महिला के अन्य दोनों बेटों के साथ भी गंदी हरकतें की गईं। कुकर्म के शिकार हुए बेटे की हालत बिगड़ी तो महिला को जानकारी हुई।
इसके बाद वह हॉस्टल पहुंची तो पता चला कि मामले को दबाने के उद्देश्य से प्रबंधक ने स्कूल और छात्रावास से उनके तीनों बच्चों को निकाल दिया है। इसके साथ ही आरोपी छात्रों व वार्डेन को भी स्कूल से निकालकर मामले की इतिश्री कर दी गई। पीड़ित बच्चे की मां का आरोप है कि स्कूल संचालक हॉस्टल के वार्डेन व आरोपी छात्रों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाए उन्हें स्कूल से निकालकर मामला रफा दफा करने की कोशिश की गई है।
पीड़ित बच्चे की मां रविवार की दोपहर एसएसपी दफ्तर और बन्नादेवी थाने पहुंची। बन्नादेवी कोतवाली में उनकी तहरीर पर आरोपी छात्रों व वार्डेन चंद्र मसीह के खिलाफ कुकर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इंस्पेक्टर जितेंद्र दीखित ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।
इस संबंध में स्कूल के निदेशक का कहना है कि महिला द्वारा लगाया जा रहा आरोप बेबुनियाद है। उनके तीनों बच्चे स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रावास से वह बच्चों को स्वयं लेकर गई है और उनका कॉशन मनी वापस कर दिया गया है। जिन बच्चों पर आरोप लगा रही है, उनमें से एक बच्चा अगस्त 2017 से छात्रावास में नहीं है। दूसरा बच्चा 20 फरवरी तक छात्रावास में रहा।