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अलीगढ़ बनता जा रहा ठगी का गढ़

Tue, 02 May 2017 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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लूट - फोटो : अमर उजाला
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अभिषेक शर्मा
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लगता है अपना अलीगढ़ ठगीगढ़ बन गया है...आलम यह है कि यहां से बैठकर सुदूर राज्यों में और सुदूर राज्यों से बैठकर यहां के लोगों से तमाम तरह की ठगी हो रही हैं। ऋण दिलाने से लेकर, एटीएम कार्ड बदलने, किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने,  नौकरी लगवाने के नाम  पर ठगी के साथ-साथ, ऑनलाइन ठगी चरम पर है। मगर अधिकांश मामलों में पुलिस के हाथ खड़े कर  देने या शिकायती पत्र लंबित डाल  देने से पीड़ित दर-दर की ठोकरें खा  रहे हैं। 
अब फरियादी शिकायतें लेकर सीधे पीएम और सीएम दफ्तर इस उम्मीद से पहुंच रहे हैं कि जिला स्तर पर न सही, कम से कम वहां जरूर सुनवाई हो जाएगी। ऐसे ही कुछ गंभीर प्रकरणों की गहराई में तमाम चौंकाने वाले तथ्य प्रस्तुत हैं।
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50 करोड़ का ऑफर दे कर्नाटक में ठगे लाखों
यह अपने आप में बेहद चौंकाने वाला किस्सा है। यहां बैठकर जालसाजों ने कर्नाटक के व्यापारी को ठग लिया। वाकये की शुरुआत अक्तूबर 2016 से हुई। जब कनार्र्टक के राव राजेश्वर नाम के एक व्यापारी के पास कॉल पहुंची। उससे कहा गया कि उनकी कंपनी स्कूल खोलने के लिए ऋण देती है। राव राजेश्वर को बातों में ऐसा फंसाया कि उसने खुद व कुछ साथियों के साथ मिलकर 50 करोड़ का ऋण आवेदन किया और 7 लाख रुपये औपचारिकताओं के नाम पर ठगों ने अपने एकाउंट में डलवा लिए। जब ठगी का अहसास हुआ तो कर्नाटक पुलिस की मदद से जांच शुरू हुई तो पता चला कि वह एकाउंट गाजियाबाद के इंदिरापुरम की पीएनबी शाखा में किसी सागर शर्मा के नाम से था, जो फर्जी पेनकार्ड आईडी की मदद से खोला गया। जिन चार मोबाइल नंबरों से बातचीत चल रही थी। वह खुर्जा-बुलंदशहर के मध्य के हैं। इन नंबरों पर बातचीत क्वार्सी की रामबाग कॉलोनी के टॉवर लोकेशन से हो रही थीं। पुलिस जांच करते हुए गाजियाबाद, खुर्जा, बुलंदशहर और अलीगढ़ क्वार्सी के रामबाग में घूम रही है। 

इस रैकेट को फिर क्लीनचिट
ऋण देने के नाम पर लोगों को ठगने वाला बड़ा रैकेट अपने शहर से संचालित हुआ। इस रैकेट के खिलाफ महाराष्ट्र में एसआईटी का गठन हुआ और कई सौ करोड़ के गबन के 500 के करीब मुकदमे दर्ज हुए। यह रैकेट फिर सक्रिय हो गया है। ताजा शिकायत धनराज शर्मा निवासी नैनीताल उत्तराखंड की ओर से है, जिसमें कहा गया है कि आगरा रोड पर इस फाइनेंस कंपनी का ऑफिस है। यह कंपनी लोगों को कर्ज देने का प्रलोभन देकर ठगी कर रही है। उससे भी 2 लाख रुपये के करीब ऐंठे जा चुके हैं। इस मामले में शिकायत के बाद थाना पुलिस के दरोगा ने अपनी जांच रिपोर्ट में कंपनी को क्लीनचिट देते हुए यह लिख दिया है कि कंपनी ऋण देने का नहीं, बल्कि ऋण दिलाने के लिए मध्यस्थता का काम करती है। आवेदक के गारंटर की प्रोफाइल शर्तें पूरी नहीं कर रही थी, इसलिए ऋण नहीं मिल पाया। यह लिखकर दरोगा ने सिटी मजिस्ट्रेट को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। पीड़ित ने अब आर्थिक अपराध शाखा से जांच का अनुरोध पीएमओ से किया है।

बीएएमएस में प्रवेश के नाम पर 1 लाख ऐंठे
यह कहानी जिले के एक ऐसे शिक्षण संस्थान से जुड़ी है, जिसकी शिकायत कासगंज के अशोक नगर की युवती ने एसएसपी से की है। पीड़ित युवती की मानें तो उसने सत्र 2016-2017 में सीपीएमटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा के तहत बीएएमएस की प्रवेश परीक्षा दी। उसने यहां के कॉलेज में प्रवेश के लिए कॉलेज के कार्यालय में परिजनों संग संपर्क किया। वहां तमाम औपचारिकताएं और सीपीएमटी की शर्तों के अनुसार एक लाख रुपया लिया गया, जिसकी कोई रसीद नहीं दी गई। बाद में उससे रकम और मांगी गई। यह भी कहा गया कि अचानक सीपीएमटी ने फीस वृद्धि कर ली है। इसे लेकर विरोध और नाराजगी पर कार्यालय में उसके व परिजनों संग अभद्रता व गाली-गलौज की गई। अब पीड़ित को न प्रवेश मिला है और न रकम वापसी पर कोई काम हो रहा है।
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बैंकिंग ठगी को लेकर लगातार लोगों को बैंकों के स्तर से जागरूक किया जाता है। समय-समय पर पुलिस भी इस दिशा में काम करती है। बाकी जो ठगी की   शिकायतें पुलिस के पास आती हैं, उनमें मुकदमे व जांच आदि की कार्रवाई हो रही हैं। कुछ प्रमुख मुद्दों पर जांच भी कराई जा रही है।
-राजेश पांडेय, एसएसपी
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