परिजनों से घटना की जानकारी करते एसएसपी।
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थाना क्षेत्र के गांव बालूखेड़ा में शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे घर के समीप ही घेर में पूर्व प्रधान के किसान पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने गाल और सिर पर दो गोलियां मारी। डंडे से भी सिर पर घातक प्रहार किया। बावजूद इसके घेर पर सो रहे नौकर समेत गांव में किसी ने गोली चलने की आवाज तक नहीं सुनी। देर तक घर न लौटने पर परिजन दीवार फांदकर घेर के अंदर घुसे तो मुख्य द्वार पर अंदर से ताला लगा था और खून से लथपथ शव पड़ा था। यह देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। शोर सुनकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। एसएसपी राजेश पांडेय ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
परिजनों के अनुसार सुबह साढ़े छह बजे शौच के लिए किसान राजवीर सिंह पुत्र स्व. ठा. रमेशपाल सिंह (50) घर के पास ही बने घेर में शौच करने पहुंचे थे। काफी देर तक वह घर नहीं लौटे तो परिजन घेर पर पहुंचे। वहां दरवाजा अंदर से बंद होने पर दीवार फांदकर अंदर पहुंचे तो शव और बिखरे खून को देखकर कोहराम मच गया। सैकड़ों की तादाद में ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
सूचना पर अकराबाद थानाध्यक्ष विनोद कुमार फोर्स के साथ पहुंच गए। एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी देहात डा. यशवीर सिंह, सीओ बरला अनुज कुमार चौधरी ने मौका ए वारदात का निरीक्षण किया। परिजनों से हत्या की जानकारी ली। हालांकि परिजन हत्या का कारण नहीं बता सके। पुलिस पूछताछ के लिए बिहार के रहने वाले नौकर को थाने ले गई। एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि हत्या का सुराग लगाने के निर्देश दिए हैं।
पिता एवं बाबा चालीस साल तक रहे प्रधान
बालूखेड़ा निवासी राजवीर सिंह के पिता व बाबा करीब चालीस साल तक ग्राम पंचायत के प्रधान रहे। राजवीर सिंह के बड़े भाई कृष्णगोपाल की करीब 11 वर्ष पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। सबसे छोटे भाई संजय सिंह परिवार के साथ अलीगढ़ में रहते हैं। मृतक राजवीर सिंह के दो पुत्र चेतन सिंह अनुज प्रताप सिंह हैं जो गांव से बाहर रहकर पढ़ाई के साथ नौकरी भी कर रहे हैं।