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रिश्वतखोरी में फंसे गभाना के दो दरोगाओं पर मुकदमे दर्ज

Sat, 29 Aug 2020 11:04 PM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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गभाना थाने के दो दरोगा रिश्वतखोरी के आरोपों में फंस गए हैं। बरौली क्षेत्र के भाजपा विधायक की शिकायत पर जांच कराते हुए एसएसपी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज कराए हैं। यह मुकदमे शिकायत की एसपी क्राइम से जांच के बाद हुए हैं और दौरान-ए-जांच उन्हें निलंबित व लाइन हाजिर किया जा चुका है। वहीं इस थाने के चार अन्य दरोगा भी लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर लाइन हाजिर किए गए हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। 
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विधायक ठा.दलवीर सिंह ने एसएसपी को शिकायत देते हुए कहा कि क्षेत्र के गांव बलवंत नगरिया के लक्ष्मीराज सिंह की बहू रूबी 28 जून को खेतों पर थी, तभी उसे रास्ते में एक मोबाइल मिला। रूबी मोबाइल घर ले आयी। बाद में बेटे ने उसमें अपना सिम डाल लिया। इसी बीच दिन गभाना थाने के एसएसआई राजकुमार का फोन आया और बेटे को थाने बुलाया। हालांकि दरोगा को पूरी सच्चाई बता दी।


इस पर एसएसआई ने बेटे को मोबाइल चोरी के आरोप में जेल भेजने की धमकी देते हुए छोड़ने के नाम पर 25 हजार रुपये मांगे। उस दिन घर में धेवती की शादी थी। मजबूरी में बेटे को छुड़ाने के लिए बहू के जेवरात गिरवी रखकर 25 हजार दारोगा को दिए, तब बेटे को छोड़ा गया। बाद में जब शिकायत विधायक से की और विधायक के दखल पर एसपी क्राइम ने जांच शुरू कर दी तो 11 अगस्त को दारोगा अंकित कुमार ने फोन कर प्रकरण निपटाने के लिए दबाव बनाया। 
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इसी तरह की दूसरी शिकायत गांव मढोला के वीरेंद्र सिंह ने विधायक से की, जिसके अनुसार 11 अगस्त को टोल प्लाजा पर पुलिस चेकिंग उसकी बाइक रोक ली और बाइक चोरी की होना  बताकर थाने ले जाया गया। उसने तमाम दलील दीं कि यह बाइक उसने चंडौस के गांव इमलहरा निवासी सलमान से 12 हजार में खरीदी है। बावजूद इसके दारोगा प्रवीण कुमार ने बाइक और उसे छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये मांगे। किसी तरह उसने 15 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा गया।


यह रुपये उसने थाने में एक सादा वर्दी में मौजूद व्यक्ति को दिए। इन दोनों मामलों की शिकायत पर एसएसपी ने एसपी क्राइम को जांच सौंपी। वहीं दो दिन पहले जांच पूरी होने पर एसएसआई को निलंबित कर दिया, जबकि प्रवीण कुमार के सहित थाने के पांच दरोगा सर्वेश कुमार, अंकित कुमार अरुण कुमार व सुखपाल लाइन हाजिर कर दिए। अब दोनों दरोगाओं पर पीड़ितों की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मुकदमे गभाना थाने में दर्ज कराए गए हैं।


गभाना के दरोगाओं पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोपों की शिकायत एसएसपी से की गई थी। चूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है। इस पर एसएसपी ने जांच कराई और दो दरोगाओं पर मुकदमे दर्ज कराए हैं। वहीं विभागीय कार्रवाई की है। इससे जनता का सरकार व प्रशासन पर विश्वास बढ़ेगा और ईमानदार अधिकारी और कर्मचारियों का भी मनोबल बढ़ेगा।  - ठा.दलवीर सिंह विधायक

गभाना के दो प्रकरणों में मिली शिकायत की जांच पर यह मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। एक को पहले ही निलंबित कर दिया गया था, दूसरे को निलंबित करने की तैयारी है। बाकी गिरफ्तारी आदि के भी प्रयास किए जाएंगे।-मुनिराज जी एसएसपी

हरदुआगंज में भी दरोगा पर रिश्वत लेने का आरोप 
थाने के एक दारोगा पर प्लाट की दीवार को लगवाने और रिश्वत न मिलने पर उसे गिरवा देने के आरोप लगे हैं। यह शिकायत भी विधायक बरौली के जरिये एसएसपी से कराई गई है।
गांव भीमगढ़ी के राकेश शर्मा की शिकायत के अनुसार छह अगस्त को प्लाट में दीवार लगवाने के दौरान सगे भाई ने शिकायत कर दी थी, इसी विवाद में दरोगा ने बीस हजार रुपये मांगे थे। आरोप है कि दीवार लगने के बाद दारोगा ने दस हजार रुपये और मांगे, न देने पर दीवार गिरवा दी। राकेश शर्मा ने मामले की शिकायत विधायक ठा. दलवीर सिंह से की है। यह मामला भी एसएसपी तक पहुंच गया है, जिसकी एसपी क्राइम स्तर से जांच की जा रही है। इसमें भी मुकदमा व कार्रवाई के संकेत मिले हैं।
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