न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
परिवहन निगम की बसों में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के बाद गुरुवार को मुख्यालय से तीन सदस्यीय टीम ने बुद्ध विहार डिपो के रिकार्ड खंगाले। जांच टीम ने सभी रिकार्ड को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रखवा दिया है। दोपहर में बुद्ध विहार डिपो का रिकार्ड खंगालने के बाद टीम हाथरस पहुंच गई। देर शाम तक टीम यहां पर रिकार्ड खंगालने में जुटी हुई थी।
21 अगस्त को एसटीएफ ने इगलास में 11 लोगों को गिरफ्तार कर रोडवेज बसों में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा किया था। एसटीएफ ने मथुरा डिपो की दो बसों को पकड़कर थाने में खड़ा भी कराया है। गुरुवार को मुख्यालय से प्रधान महाप्रबंधक (प्रशासन) आशीष चटर्जी, फाइनेंस करमेंद्र सिंह तीन सदस्यीय टीम के साथ अलीगढ़ पहुंचे। सुबह वह एसएम आफिस पहुंचे। यहां उन्होंने बुद्ध विहार डिपो का रिकार्ड मंगा लिया और जांच की।
टीम ने बुद्ध विहार डिपो के गेट, डीजल, ईटीएम मशीन का रजिस्टर कब्जे में लेकर सुरक्षित रखवा दिया है। डिपो की कैश विभाग के रजिस्टर को भी गहनता से चेक किया गया। जांच टीम के अलीगढ़ में होने की जानकारी मिलने पर रोडवेज के अधिकारी एवं कर्मचारियों में अफरातफरी मची रही। बुद्ध विहार डिपो का रिकार्ड कई बार में एसएम आफिस पहुंचाया गया। यहां जिस फाइल एवं रजिस्टर पर टीम के सदस्यों को शक था उसे उठाकर अलग रखवा दिया गया। टीम के सदस्यों ने यहीं पर आगरा एवं मथुरा डिपो का रिकार्ड भी मंगा लिया, लेकिन उसकी जांच नहीं कर सके। इसके कारण रिकार्ड को आगरा भिजवा दिया। दोपहर में टीम हाथरस के लिए रवाना हो गई। देर शाम तक हाथरस डिपो की रिकार्ड खंगाले जा रहे थे।
पूरे दिन चेहरों पर उड़ी रही हवाइयां
लखनऊ से आई जांच टीम की जानकारी लगते ही रोडवेज के अधिकारी एवं कर्मचारियों के कान खड़े हो गए। टीम क्या कर रही है यह जानने की उत्सुकता सभी कर्मचारियों में रही। वहीं बुद्ध विहार डिपो के कुछ कर्मचारियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ती रहीं। सूत्रों के अनुसार कार्यवाही की चपेट में जिम्मेदार पदों पर बैठे कई अधिकारी एवं बाबू आ सकते हैं।