चौकीदार की हत्या में सात माह बाद आरोपी को भेजा जेल
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
खैर क्षेत्र के गांव बिरौला में सहकारी गेहूं क्रय केंद्र पर सो रहे चौकीदार की हत्या का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। आरोपी और मृतक पक्ष में समझौता होने के सात माह बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
बता दें कि कस्बा के फत्तेनगला निवासी यामीन पुत्र हबीब की 22 मई की रात्रि गांव बिरौला स्थित सहकारी समिति दक्षिण गेहूं क्रय केंद्र पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक यामीन के पुत्र सोनू ने योगराज, पूरन सिंह, शिव सिंह व ओमप्रकाश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने तीन आरोपियों को घटना के अगले दिन ही हिरासत में ले लिया था। किंतु ग्रामीणों ने एकजुट होकर उन्हें निर्दोष बताते हुए जेल भेजने से पूर्व निष्पक्ष जांच की गुहार पुलिस से लगाई थी। पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि तीन चार दिन बाद ही मामले में राजीनामा हो गया। पुलिस को लिखित में समझौता पत्र भी सौंपा गया था। बताते हैं कि इस एवज में आरोपी एवं मृतक के परिजनों के बीच मोटा लेन देन भी हुआ था।
उस समय मामला पुलिस ने भी रफा दफा कर आरोपियों को छोड़ दिया। अब इतने दिन बाद मुकदमे के वादी मृतक के पुत्र ने कोतवाली आकर आरोपियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई। साथ ही यह बताया कि उस समय उससे दबाव में राजीनामा लिखवाया गया था।
जिस पर पुलिस ने रविवार को हत्या के नामजद आरोपी पूरन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र दुबे का कहना है कि मर्डर में राजीनामा का कोई औचित्य नहीं है। वादी ने शिकायत की है कि उससे राजीनामा दबाव में लिखवाया गया था। पुलिस जांच में चारों दोषी पाए गए हैं। शेष तीन को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।