क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर की स्वर्ण जयंती नगर कॉलोनी के एक फ्लैट में आपत्तिजनक नग्नावस्था में महिला संग जिला पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह उर्फ पाली के पकड़े जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस प्रकरण में युवती के मायके पक्ष ने उसके पति व ससुरालियों पर इसे दहेज उत्पीड़न से बचने की साजिश करार दिया है और कहा है कि इस बात को ढकने के लिए यह साजिश रची गई है। इधर, हमले में जख्मी जिला पंचायत सदस्य तीसरे दिन भी मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे। इसके चलते उन्हें बुधवार को भी जेल नहीं भेजा जा सका।
एसएसपी को लिखित शिकायत सौंपते हुए युवती के मायके पक्ष से उनके चाचा व छोटे भाई ने बताया कि युवती का पति काफी समय से उस पर मायके से 10 लाख रुपये मंगाने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर मारपीट भी की जा रही थी। घटना वाली दोपहर उसका अपनी मां के पास फोन पहुंचा।
इस पर शाम 7 बजे घर के पुरुष सदस्य जब एकत्रित हुए तो उन्हें पूरी बात बताई गई। इस पर रात 10 बजे युवती का भाई अपने साथ रविंद्र सिंह पाली को लेकर युवती की ससुराल स्वर्ण जयंती नगर आया। जहां पहले से एकत्रित ससुरालियों ने इन दोनों पर हमलावर होकर मारपीट की। इस दौरान युवती का भाई अपनी जान बचाकर किसी तरह भाग आया, जबकि पाली को उन्होंने घेरकर मनगढ़ंत कहानी बनाकर पाली व युवती को बदनाम करने व खुद अपने आरोप ढकने के लिए यह कहानी बना दी।
युवती ने परिजनों को जेल मुलाकात के दौरान बताया कि पहले पाली को बुरी तरह पीटा गया। फिर उसे नंगा कर उसका वीडियो बनाया और इसके बाद मीडिया व पुलिस को खुद सूचना देकर बुला लिया। इस मामले में थाने पर भी यह लोग गए। मगर वहां से टहला दिया गया। एसएसपी ने प्रकरण में जांच व आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
इधर, इंस्पेक्टर क्वार्सी के अनुसार पाली का अभी इलाज चल रहा है। बता दें कि 23 जुलाई की रात इगलास के जिला पंचायत सदस्य पाली एक फ्लैट में नगभन अवस्था में महिला के साथ दबोचे गए थे। इस मामले में पाली व महिला के खिलाफ उसके पति ने मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें महिला को जेल भेज दिया गया है।