क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ विश्वविद्यालय (एएमयू) कैंपस में डक प्वाइंट पर खुद को गोली मारकर जान देने वाले युवक का परिवार अभी तक सदमे में है। वह यह नहीं समझ पा रहा कि उसने ऐसा क्यों किया। हां परिजनों ने फोन पर पुलिस से इतना जरूर कहा है कि उसके भाई के मोबाइल में उसकी यादों से जुड़े फोटो हैं, जिन्हें डिलीट न किया जाए।
इधर, पुलिस की अब तक की जांच में यह तो साफ हो गया है कि युवक अलीगढ़ की किसी युवती के इकतरफा प्यार में यहां तक आया था। अभी पुलिस युवती को चिह्नित नहीं कर पाई है। यह काम भी एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आगे कार्रवाई तय की जा सकेगी।
वाकया 13 फरवरी की दोपहर का है, जब युवक ने खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। बाद में उसकी पहचान रोहित कुमार पुत्र रोतम सिंह निवासी भटपुरा अफजलगढ़ बिजनौर के रूप में हुई। उसकी जेब में मिले मोबाइल आदि के आधार पर परिजनों को सूचना दी थी। इस सूचना पर 14 फरवरी को आए उसके भाई अरुण आदि यहां आकर शव को अपने साथ ले गए थे।
इधर, पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। हालांकि मोबाइल पर पैटर्न लॉक होने के कारण कुछ दिक्कतें आई हैं। मगर सर्विलांस की मदद से इन दिक्कतों को दूर कर युवक की सुसाइड के कारण जानने में पुलिस जुटी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सर्विलांस की मदद से अब तक इतना तो साफ हो चुका है कि युवक पिछले करीब छह माह से किसी युवती को इकतरफा कॉल किए जा रहा था। उधर से कॉल का कभी कोई जवाब नहीं था। इसलिए माना जा रहा है कि यह मसला इकतरफा प्यार का रहा होगा।
मगर अभी पुलिस उस युवती को चिह्नित नहीं कर पाई है। हां युवती अलीगढ़ और सिविल लाइंस इलाके की होने का अंदेशा है। इधर, युवक के भाई अरुण ने पुलिस अधिकारियों को फोन कर इतना ही अनुरोध किया है कि उसके भाई की यादें फोन में हैं, उन्हें डिलीट न किया जाए।
बाकी परिजन अभी तक किसी तरह की शिकायत यहां आकर देने को तैयार नहीं हुए हैं। सीओ तृतीय संजीव दीक्षित इतना ही कहते हैं कि मामले में जांच चल रही है। मसला प्रेम संबंधों का ही लग रहा है। मगर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।