महानगर के बहुचर्चित मुर्गा अचार विक्रेता के यहां हुई डकैती के मास्टरमाइंड पेशेवर डकैत विक्रम को आखिरकार पुलिस ने रिमांड पर लेकर डकैती में गया आठ लाख का माल बरामद कर लिया। इसमें से 1.80 लाख रुपये नकद के अलावा वैगन आर कार, कई लाख के आभूषण शामिल हैं। विक्रम पर हत्या, लूट, डकैती के दर्जनभर से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसने पूछताछ में इंजीनियर कॉलोनी में इंजीनियर के घर डकैती सहित अन्य वारदात भी स्वीकारी हैं।
एसएसपी राजेश पांडेय ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में बताया कि साईं विहार बन्नादेवी के मशहूर मुर्गा अचार विक्रेता सरदार गुनीत निवासी रामदास नगर के यहां बदमाशों ने 28 अगस्त की देर शाम लाखों की डकैती डाली थी। डकैती के मुख्य अभियुक्त विक्रम पुत्र बिजेंद्र सिंह निवासी अतरौली थाना भोजपुर जिला गाजियाबाद के पीछे जब पुलिस लगी, तो उसने जयपुर में सेटिंग कर वहां आर्म्स एक्ट में खुद को गिरफ्तार करा दिया। प्रयास कर बन्ना देवी पुलिस ने उसे कस्टडी रिमांड पर लिया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गांव खगौड़ा जिला गौतमबुद्धनगर से लूटा गया माल बरामद किया है। इसमें 1.80 लाख रुपये की नकदी के अलावा सोने का ब्रेसलेट, कड़ा, तीन अंगूठी, सोने की झुमकी, तीन जोड़ी टॉप्स के साथ-साथ एक वैगन आर कार भी बरामद की है। यह कार डकैती के रुपये से खरीदी थी। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर जितेंद्र दीक्षित मौजूद थे। विक्रम पर मुरादाबाद, अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़ में लूट, डकैती, हत्या आदि के केस दर्ज हैं।
दो मुठभेड़ों में बच निकला था विक्रम
विक्रम और उसके परिवार के कई लोग पेशेवर अपराधी हैं। उसका मामा अखिलेश शिवा भी डकैती करता है। इन दिनों वह जेल में है। मुर्गा अचार विक्रेता के घर हुई वारदात के बाद जब पुलिस पीछे लगी और गैंग के आगरा निवासी रवि उर्फ टमाटर को मुठभेड़ में दबोचा तो वह भाग गया था। उसके पास से सोने का लॉकेट बरामद हुआ था। इसी तरह सचिन जब मुठभेड़ में जख्मी हुआ था, तब भी यह भागा था। सचिन से सोने की दो चूड़ी, एक जंजीर बरामद हुई थी। इसके अलावा अशोक से भी पुलिस ने माल बरामद किया था।