क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना बन्नादेवी के बरौला जाफराबाद विवाद में भूरे खां पक्ष के 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खां ने विरोध किया। गुरुवार को पूर्व विधायक सहित भूरे खां ने एसएसपी कार्यालय पहुंच योगेंद्र पक्ष के लोगों के खिलाफ तहरीर दी। एसपी देहात से उन्होेंने तहरीर में नामजद सहित अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
एसपी देहात ने उन्हें मामले में पुलिस की ओर से निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
भूरे खां की ओर से दी गई तहरीर के विवाद जिस गाड़ी को रास्ते से हटाने को लेकर हुआ था। उसमें बेटे की बारात का सामना रखा जा रहा था। इसलिए उन्हें वहां से फौरन हटाना संभव नहीं था। इसी बात को लेकर योगेंद्र के भाई रामेश्वर ने गाली-गलौज शुरू कर दी। बारात में शामिल होने आए रिश्तेदारों ने इस बात का विरोध किया तो योगेंद्र पक्ष के लोगों ने मारपीट कर दी थी।
इधर, बुधवार को थाना पुलिस को योगेंद्र की ओर से दी गई तहरीर में भूरे खां पक्ष मारपीट, रुपये व जंजीर आदि लूटने के साथ-साथ सांप्रदायिक माहौल पैदा करने के इरादे से पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी करने, पाकिस्तान का झंडा लेकर भारत विरोधी नारेबाजी करने तक का आरोप लगाया है।
इस मामले में पुलिस ने भूरे खां पक्ष के 14 लोगों के खिलाफ मारपीट, हत्या का प्रयास, बवाल काटने, बलवा इकट्ठा करने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि बुधवार शाम को रास्ते से बुग्गी और मेटाडोर निकालने के विवाद में दोनों पक्षों में भिड़ंत से सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। दोनों ओर से लाठी-डंडे, सरिया निकले और जमकर मारपीट के बीच पथराव भी हुआ था। खबर पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया था। बाद में बन्नादेवी थाने पर भाजपाइयों ने भूरे खां पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।