क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू द्वारा अधिवक्ता चौधरी इफराहीम हुसैन को कानूनी नोटिस दिया गया है। उनसे मांग की गई है कि वह एएमयू कुलपति एवं अन्य अधिकारियों के विरुद्ध दिए गए अनर्गल बयानों तथा आरोपों का कारण बताएं तथा क्षमा याचना प्रकाशित करवाएं। अन्यथा उनके विरुद्ध संबंधित न्यायालयों में सिविल तथा क्रिमिनल वाद दायर किये जाएंगे, जिसके हर्जा खर्चा के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
चौधरी इरफाहीम से कहा गया है कि एएमयू ने रजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा बुलाई गई हड़ताल का तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेते हुए 29 मार्च 2018 एवं 2 अप्रैल 2018 द्वारा अवैध घोषित कर दिया गया था।
जेएन मेडिकल कॉलेज के कार्यों को सुचारु रूप से चलाए जाने के लिए कई उचित कदम उठाए गए थे। एएमयू द्वारा कहा गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसी प्रकार के अनर्गल आरोपों पर आधारित मुकदमे निरंतर दायर करने का संज्ञान लेते हुए चौधरी इफराहीम हुसैन की पत्नी डॉ. सदफ फातिमा पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने डॉ. फातिमा से धनराशि वसूलने का आदेश जिलाधिकारी को दिया है।