क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ के बेहद करीबी और कारोबारी विजय गंगल हत्याकांड को अंजाम देने वाले एक शूटर को गिरफ्तार करने के साथ-साथ अब पुलिस इस कांड के सबसे अहम सवाल ‘सुपारी का राजदार कौन’? का जवाब तलाशने में जुट गई है।
दावा किया जा रहा है कि बहुत जल्द सुपारी देने वाले का राज उजागर कर दिया जाएगा। काफी कुछ पुलिस के पास है, बस जमानत तुड़वाकर जेल गए दूसरे शूटर पुनीत को रिमांड पर लेकर पूछताछ करनी है। मगर एक बड़ी समस्या यह है कि क्या रिमांड पर पुनीत से यह राज पुलिस उगलवा पाएगी।
12 अप्रैल की शाम हुए विजय गंगल हत्याकांड के खुलासे में जुटी पुलिस ने एक शूटर प्रदीप उर्फ सूरज निवासी सोफा व उन्हें कारतूस मुहैया कराने वाले कालीचरण उर्फ कालू निवासी भालई सुरीर मथुरा को जेल भेज दिया है। मगर अभी यह सवाल उजागर होना बाकी है कि उन्हें सुपारी किसने दी।
इसे लेकर पुलिस का तर्क है कि पुनीत नाम का शूटर जो पुलिस के पीछे लगने पर जमानत तुड़वाकर जेल चला गया, उसे यह सब जानकारी है। उसे रिमांड पर लिया जाएगा। इसके बाद यह राज उजागर होगा।
शूटरों को एक बाइक भी खैर से मुहैया कराई गई
पुलिस लाइन सभागार में मीडिया से बातचीत में एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह ने बताया था कि घटना को लेकर जुटी टीमों ने पाया कि घटना के बाद से प्रदीप उर्फ सूरज अपने घर से गायब है। जब कालीचरण को पकड़ा गया तो उसने स्वीकारा कि यह लोग घर में बैठकर किसी से फोन पर खैर में हत्या करने की बात कर रहे थे।
उसने जब यह बातें सुनी तो इन चारों को वहां से जाने के लिए कहा। मगर सुबह तक यह अपने नोएडा से आने वाले एक साथी के इंतजार में रुके। इसके बाद एक गाड़ी किराये पर मंगाई, जिसमें 2 हजार रुपये का ऑनलाइन तेल भी डलवाया। पकड़े गए प्रदीप से एक बाइक मिली है। दूसरी बाइक बरामद होनी है। इनमें से एक बाइक कस्बे के ही व्यक्ति ने शूटरों को मुहैया कराई थी। इसके अलावा मुखबिरों के जरिये यह पुष्ट सूचना मिली है कि घटना से पहले दिन में इन शूटरों को कस्बे में देखा गया था।
कस्बे में ही मौजूद है सुपारी देने वाला
एसपी देहात ने बताया कि सुपारी देने वाला जमीनी व्यापार की प्रतिष्पर्धा से जुड़ा है। उस तक पहुंचने के लिए बस साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इशारों, इशारों में बताया कि सुपारी देने वाला भी सफेदपोश रसूखदार व्यक्ति है। चर्चा एक कॉलेज संचालक को लेकर भी है। अब वह कौन है, यह तो पुलिस के अगले कदम के बाद ही साफ होगा।
- इस मामले में एक-दो दिन में पुनीत को रिमांड पर लेने की कवायद की जाएगी। इसके अलावा प्रदीप को भी फिर से रिमांड पर लिया जाएगा। इसके बाद सब कुछ साफ हो जाएगा और सुपारी देने वाले का नाम भी उजागर कर दिया जाएगा।
- डॉ. यशवीर सिंह, एसपी देहात