न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गणतंत्र दिवस की दोपहर बिना अनुमति के बाइक जुलूस निकालने वाले युवाओं को पुलिस शिद्दत से तलाश रही है। युवाओं का ये समूह सेंटर प्वाइंट घूम कर वापस सासनीगेट जा रहा था।
इसी बीच मीनाक्षी पुल के पास हुई हवाई फायरिंग में एक गोली कपेश उर्फ कपिल के पैर में लग गई और वह घायल हो गया। सासनीगेट निवासी कपेश का इलाज चल रहा है। हालांकि इस प्रकरण में कपेश या उसके परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई शुरू कर दी है। ये गोली तमंचे से चलाई गई थी।
अब तक हुई पुलिस की जांच पड़ताल में ये जुलूस निकालने वालों में सासनीगेट की बाइक राइडर टीम के मनोज का नाम सामने आया हैै। जिसने उस दिन के जुलूस को निकालने के लिए बाइक सवारों को एकत्र किया था।
इनका साथी भूमिक भी बाइक राइडर है, जो पहले भी हवाई फायरिंग करने के मामले में जेल जा चुका है। ये दोनों सासनीगेट के ही रहने वाले हैं।
अचलताल चौकी इंचार्ज रविशंकर की ओर से इन दोनों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। गांधीपार्क इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में सभी लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उनको भी पकड़ा जाएगा।
रसलगंज में नारेबाजी में दरोगा को चेतावनी
गणतंत्र दिवस पर कासगंज में निकली तिरंगा यात्रा में चंदन के मारे जाने के बाद से भड़के दंगे से अलीगढ़ पुलिस प्रशासन भी खासा टेंशन में है। इसलिए पुलिस की सख्ती बढ़ती जा रही है। रविवार को कासगंज की घटना के विरोध में जुलूस निकाल कर रसलगंज में नारेबाजी करने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कासगंज की घटना के बाद रविवार को कुछ युवक जीटी रोड के रास्ते से जुलूस निकाल कर रसलगंज की ओर जा रहे थे। ये युवा नारेबाजी कर रहे थे, जिससे रसलगंज में माहौल खराब होने की आशंका बढ़ गई थी।
इसलिए इस प्रकरण में भाजपा नेता योगेश वार्ष्णेय, जयप्रकाश, राजपाल, यादराम, अनस और रोहित को नामजद करते हुए 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
शहर में धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुमति के ही ये जुलूस निकाला जा रहा था। एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया है और रसलगंज के चौकी प्रभारी रामप्रकाश गौतम को लापरवाह माना गया है। उनको भी चेतावनी दी गई है। गौर हो कि इस प्रकरण में रसलगंज के प्रबुद्धजनों ने गंभीरता का परिचय दिया था, जिससे शहर की शांति व्यवस्था कायम रही।