क्राइम जोन में तब्दील होते जा रहे अति व्यस्त रामघाट रोड पर रविवार को एक बार फिर पुलिस का इकबाल तार-तार दिखा। एक घंटे में दिनदहाड़े दो-दो हत्याओं ने इलाके में सनसनी मचा दी। रामघाट रोड पर ऐसा पहली बार नहीं हुआ। पिछले 35 दिन में यह चौथी हत्या हुई है। इससे पहले पीएसी के पास सफारी सवार रंगबाज ने एक ट्रक चालक को साइड मारने पर दिनदहाड़े गोली मार दी थी, जिसकी पुलिस आज तक गिरफ्तारी नहीं कर पाई। फिर शादी समारोह से निकलते समय क्वार्सी थाने के बगल में बाइकर्स शरद गोस्वामी को विपक्षी बाइकर्स गुट ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर भून दिया। उसमें पुलिस आज तक कोई कदम नहीं उठा पाई और पुलिस की भूमिका पर सवाल तक उठ रहे हैं। रविवार को होली से ऐन पहले हुई इस खूनी होली को देख लोगों के चेहरों पर दहशत साफ दिखाई दी। लोग कहते देखे गए कि अब तो रामघाट रोड पर राह चलना भी बेहद असुरक्षित है।
चाय पिलाने के बहाने मरवा दिया दुश्मनों का दोस्त
हरदुआगंज के गांव कोंडरा के दो परिवारों में चली आ रही रंजिश में रविवार दोपहर तालानगरी की फैक्ट्री के बाहर दुश्मनों के दोस्त को चाय पीने के बहाने बैठाकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना की पटकथा कुछ इस तरह लिखी गई कि खुद हमलावर पक्ष से फैक्ट्री स्वामी भी पंजे में गोली लगने से जख्मी हुआ और एक मर्तबा पुलिस को ऐसा लगा कि फैक्ट्री स्वामी पर हमला हुआ है। मगर मृतक परिवार के आरोपों व पुलिस जांच में स्थिति साफ होने पर पुलिस ने फैक्ट्री स्वामी आदि पर मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही जख्मी फैक्ट्री स्वामी भी पुलिस हिरासत में है।
गांव कोंडरा निवासी देवेंद्र सिंह पुत्र सरदार सिंह का तालानगरी में सरिया मिल है। देवेंद्र के भाई राजेश की 18 अप्रैल 2015 की देर रात तालानगरी चौराहे पर मामूली कहासुनी पर गांव के ही कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में एक व्यक्ति अभी जेल में है और कुछ जमानत पर बाहर आ गए। जमानत पर आए दो आरोपियों सहित तीन लोगों की की 5 नवंबर की सुबह गांव से तारीख पर कचहरी आते समय उस समय मौत हो गई थी, जब वह स्कार्पियो से आ रहे थे और ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इसके बाद 30 दिसंबर को खुद देवेंद्र पर भी हमला हुआ था।
मगर बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण बच गया था। एसओ हरदुआगंज रमाकांत पचौरी के अनुसार गांव के ही ओंकार द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार उसके बेटे रवि का देवेंद्र के विपक्षी पक्ष से दोस्ताना संबंध थे। इसी बात को लेकर अंदरखाने देवेंद्र रवि से भी खुन्नस मानता था। रविवार सुबह-सुबह रवि गांव के कुछ लोगों के साथ गंगास्नान को गया। वहां से लौटकर आने के बाद वह बाइक लेकर हरदुआगंज दवा लेने गया था। तभी दोपहर करीब सवा दो बजे अपनी फैक्ट्री के बाहर बैठकर चाय पी रहे देवेंद्र ने उसे चाय पीने के बहाने बैठा लिया और इशारे से बुलाए अपने साथियों की मदद से गोली चलवा दी। यहां गोली से रवि की तो मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं पास में बैठे देवेंद्र की फैक्ट्री के कासगंज निवासी मजदूर वीरी सिंह के भी छर्रे लग गए और खुद देवेंद्र के पंजे में भी छर्रा लगा। पुलिस दोनों घायलों को नर्सिंग होम लेकर आई। वीरी सिंह पेशे से किसान था और एक बेटा व दो बेटियों का बाप था। उसकी मौत की खबर पर परिजन भी मौके पर व बाद में मोरचरी पहुंच गए। एसओ के अनुसार मामले में देवेंद्र व उसके पिता आदि के खिलाफ ओंकार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
बेटे के सामने मौत के घाट उतारा कारोबारी पिता को
अकराबाद के गांव जिरौली हीरा सिंह के दो परिवारों में चली आ रही मुकदमेबाजी की रंजिश रविवार को खूनी हो गई। कारोबारी नेमपाल सिंह (41) की उस समय उनके बेटे के सामने हत्या कर दी गई। जब वह बेटे अनुराग (13) को एंट्रेंस एग्जाम दिलाकर लौट रहे थे।
मेडिकल कॉलेज में नेमपाल सिंह के भाई हरेंद्र सिंह ने बताया कि उनका पास के ही गांव रायपुर में ईंट भट्ठा है और तालानगरी के सेक्टर एक प्लाट संख्या एफ-312 में कारखाना है। ईंट भट्ठे की जमीन को लेकर गांव के ही लाखन सिंह परिवार से उनकी रंजिश चल रही है। दोनों ओर से मुकदमेबाजी है। उन्होंने बताया कि नेमपाल के दो बेटों में बड़ा अनुराग व छोटा हिमांशु है।
घटना के अनुसार जब नेमपाल अपने बेटे को लेकर तालानगरी की ओर बढ़ रहा था। पीछे से दूसरा भाई पुरुषोत्तम भी आ रहा था। तभी पीछे से बाइकों पर आए हमलावरों ने नेमपाल पर पुलिया के पास पहली गोली मारी। मगर बच गया। इसके बाद मदन पैलेस गेस्ट हाउस के बाहर घेरकर गोली चलाईं और एक गोली सटीक नेमपाल के सिर में लगी। बाद में राहगीरों की मदद से अनुराग ने परिजनों व पुलिस को सूचना दी।
पीछे से पुरुषोत्तम भी आ गए, जिन्होंने हमलावरों को पहचान लिया था। एसओ क्वार्सी रविंद्र बहादुर सिंह के अनुसार इस हत्या के संबंध में नेमपाल के सबसे बड़े भाई महेशपाल ने लाखन सिंह, उसके तीनों बेटे नागेंद्र, रूपेंद्र व लोकेंद्र केअलावा दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। देर शाम भारी पुलिस बल के साथ शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाया गया।