क्राइम न्यूज, अमर उजाला अलीगढ़।
छेड़छाड़ की पीड़ित दो बहनें 21 नवंबर से थाने दर थाने न्याय की आस में दौड़ लगा रही हैं। मगर, 17 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने पर हारकर उन्हेें एसएसपी का दरवाजा खटखटाना पड़ा। शनिवार को दोनों ने एसएसपी से मामले की शिकायत की। पीड़िताओं की शिकायत सुन एसएसपी ने मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बुलंदशहर के एक गांव की रहने वाली दो बहनें थाना क्वार्सी के एक क्षेत्र में स्थित अपनी चाची के घर पर आई थीं। यहां से दूसरे दिन 21 नवंबर को बुलंदशहर के पहासू थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित अपनी ससुराल को लौट रहीं थीं। पीड़िताओं के अनुसार सारसौल चौराहा पर उनके पति की मौसेरा भाई मिल गया।
उसने ससुराल तक छोड़ने की बात कहकर कार में बैठा लिया। थोड़ी दूर चलने पर कार में उसने कुछ अन्य रिश्तेदार और एक दोस्त को बैठा लिया। इसका हमने विरोध किया तो कार का दरवाजा लॉक कर दिया।
एक पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने पहन के बेटे को बेटे को गन प्वाइंट पर लेकर हमारे साथ बलात्कार का प्रयास किया। छेड़छाड़ करते हुए कपड़े फाड़ दिए और रास्ते में चंडौस थाना क्षेत्र के जंगल में फेंककर फरार हो गए।
घटना की जानकारी चंडौस थाने पहुंचकर पुलिस को दी। वहां छह दिन तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इसके बाद वहां से बन्नादेवी थाना का मामला बताकर वहां भेज दिया गया।
यहां भी पुलिस ने हमारी कोई मदद नहीं की। पुलिस 17 दिन से दोनों थानों के चक्कर कटवा रही है। साथ ही आपस में विवाद का निपटारा करने का दबाव बना रही है। शिकायत सुन एसएसपी ने मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया।