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कुख्यात मुनीर और आशुतोष हैं मोंटी गैंग के निशाने पर

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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
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टप्पल में बुधवार सुबह मुठभेड़ के दौरान फरार हुए दिल्ली के अंतर्राज्यीय मोंटी गैंग के दो शूटर सुमित व मोहित बुधवार देर रात लोधा के अमरपुर कोंडरा के पास पुलिस मुठभेड़ में दबोच लिए गए। यह दोनों ही पैरों में गोली लगने से जख्मी हुए हैं।

जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फौरी पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा है कि अलीगढ़ जिले में इन्होंने कुख्यात शूटर मुनीर और उसके साथी आशुतोष मिश्रा को ठिकाने लगाने के इरादे से भी शरण पा रखी थी।
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मुनीर और आशुतोष इन दिनों दिल्ली के कुख्यात नीरज बवाना के खेमे में हैं और मुनीर-आशुतोष का विरोधी खेमा मोंटी के संपर्क में है। इनमें से सुमित वर्ष 2015 में हुई सोनीपत के पूर्व विधायक भरत सिंह की हत्या का आरोपी है और इन दिनों दिल्ली की तिहाड़ जेल से मिली तीन दिन की पैरोल के बाद फरार चल रहा है।

सुबह टप्पल से भागे बदमाशों की लोकेशन पुलिस को जिले से बाहर कहीं नहीं मिली थी। इसलिए पुलिस देर रात 10 बजे से चेकिंग अभियान चलाए हुए थी। इसी दौरान खैर रोड को गोंडा रोड से जोड़ने वाले माइनर पर अमरपुर कोंडरा के पास पुलिस टीम की कार सवारों से मुठभेड़ हो गई। यहां जख्मी होने पर पकड़े गए दो बदमाशों ने अपने नाम सुमित व मोहित बताए।

यह दोनों सुबह रोहित व सागर राणा के साथ पुलिस मुठभेड़ में फरार हुए थे। दोनों घायलों के जिला अस्पताल पहुंचने की सूचना पर एसएसपी अजय कुमार साहनी, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ विशाल पांडेय, पंकज श्रीवास्तव, संजीव दीक्षित, नीरज जादौन आदि कई थानों का फोर्स पहुंच गया। यहां इलाज के बाद काफी देर तक दोनों से फौरी पूछताछ हुई।

आज करनी थी दीवानी में आशुतोष मिश्रा की रैकी
एसएसपी के अनुसार पूछताछ में इन दोनों ने स्वीकारा कि एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद हत्याकांड का आरोपी मुनीर व उसका साथी आशुतोष मिश्रा हमारे गैंग के निशाने पर हैं। आज गुरुवार 09 अगस्त को आशुतोष की अलीगढ़ में तारीख है।

हमें उसकी रैकी करनी थी। किस तरह वह कहां आता जाता है, यह सब देखना था। इसी लिए टप्पल से भागने के बाद हम लोग अलीगढ़ के इर्द गिर्द घूम रहे थे। उन्होंने बताया कि मुनीर आशुतोष विरोधियों से जुड़ गए हैं। इसीलिए यह प्लान मोंटी ने तैयार किया है और इनके विरोधी हमारे साथ आ गए हैं।

पूर्व विधायक की हत्या में पैरोल पर चल रहा सुमित फरार
पूछताछ में उन्होंने स्वीकारा कि मार्च 2015 में सोनीपत के इनेलो के पूर्व विधायक भरत सिंह की हत्या के बाद सुमित जेल चला गया। अब 20 जुलाई को पैरोल पर आने के बाद फरार हो गया और उसने मोंटी संग मिलकर झांसी में संजय वर्मा की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि वह असफल रहे। मगर उनका मकसद टप्पल में रुककर फिर से संजय पर हमलाकर उसकी हत्या करना था। साथ में यहां एक सर्राफ को टारगेट बना लिया था। उससे लूट के बाद वह अपनी जमानत आदि भी कराता। इसके लिए मोंटी से बात हो गई थी। देर रात तक पुलिस अन्य पहलुओं पर उनसे बातचीत कर रही थी।

एसएसपी ने दिए आशुतोष की सुरक्षा के निर्देश
इस खुलासे के बाद एसएसपी ने अधीन अधिकारियों को आशुतोष की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए हैं। चूंकि वह गुरुवार को ही पेशी पर आने वाला है, इसलिए उसकी सुरक्षा पर पूरा ध्यान रखा जाए।
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देर शाम दूसरी मुठभेड़ में पकड़े गए अंतर्राज्यीय गैंग के शूटर धनबल जुटाने व अपने विरोधियों को निपटाने के इरादे से टप्पल में शरण पाए हुए थे। जिन्हें पकड़ लिया गया है। इनके शरणदाताओं को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। बाकी अन्य पहलुओं पर जांच की जा रही है।
अजय कुमार साहनी, एसएसपी
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