न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह के पौत्र एवं एएमयू के छात्र नेता ठाकुर अजय सिंह सहित निलंबित एएमयू के 8 छात्रों के भाग्य का फैसला अब अनुशासन समिति (डीसी) में होगा। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अजय सिंह एवं उनके चार साथियों का बयान जांच कमेटी द्वारा एएमयू के एनआरएससी क्लब में रिकार्ड किया गया।
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने एवं कैंपस का माहौल खराब करने सहित अन्य आरोप में निलंबित छात्र नेता ठाकुर अजय सिंह, बीटेक छात्र मनीष कुमार, पवन जादौन एवं एमएससी के छात्र अमन शर्मा सोमवार को बयान रिकार्ड कराने एनआरएससी क्लब पहुंचे।
दरअसल निलंबित छात्रों का बयान एएमयू प्रॉक्टर ऑफिस में रिकार्ड होना था लेकिन प्रॉक्टोरियल टीम द्वारा अंतिम समय में स्थान बदलकर एनआरएससी क्लब कर दिया गया, जो कैंपस से बाहर है। निलंबित छात्रों को फोन से स्थान बदलने की सूचना दी गई। भाजपा नेताओं द्वारा अजय सिंह की सुरक्षा को लेकर प्रॉक्टर आफिस पर संदेह जताया गया था।
एनआरएससी क्लब एवं उसके बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। अजय सिंह के साथ निलंबित चारों छात्र एनआरएससी क्लब में पहुंचकर अपना बयान रिकार्ड कराया। छात्रों के जाने के बाद पुलिस-फोर्स को वहां से हटाकर सर्किल पर तैनात कर दिया गया।
एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। दो चरणों में निलंबित सभी 8 छात्रों का बयान रिकार्ड कर लिया गया है। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट अनुशासन समिति के समक्ष रखा जाएगा। अनुशासन समिति की तिथि अभी तय नहीं है।
उल्लेखनीय है कि दो पक्षों में मारपीट के बाद 12 फरवरी को एएमयू में बवाल हुआ था। उसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अजय सिंह, मनीष कुमार, पवन जादौन, अमन शर्मा, इमरान खान, अब्दुल मबूल, फरहान जुबैरी एवं अदिल खान को निलंबित कर कैंपस प्रवेश पर रोक लगा दिया था। इमरान खान, अब्दुल मबूल, फरहान जुबैरी एवं अदिल खान का बयान 23 फरवरी को प्रॉक्टर आफिस में रिकार्ड किया गया था।
हमारी लड़ाई इंतजामिया या वर्ग विशेष से नहीं : अजय
निलंबित छात्र नेता अजय सिंह का कहना है कि उनकी लड़ाई इंतजामिया या किसी वर्ग विशेष से नहीं है। हम सिर्फ छात्र हित की सुरक्षा के लिए और किसी भी जोर जबरदस्ती के खिलाफ आवाज बुलंद करते हैं। उन्होंने कहा कि वह भी एएमयू के छात्र है और इंतजामिया उन्हें बाहरी समझना बंद करें।
जांच कमेटी के समक्ष पक्ष के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि छात्र मनीष चौधरी के साथ मारपीट की शिकायत दर्ज कराने प्रॉक्टर ऑफिस पहुंचा था। कुछ छात्र नेताओं ने हंगामा मचाया और प्रॉक्टर की ताकत को ललकारते हुए रिपोर्ट न दज़ करने देने की धमकी दी। इन सब घटनाओं के साक्ष्य, फोटो, वीडियो के रूप में उनके पास, इंतजामिया के पास और जिला प्रशासन के पास मौजूद हैं।
उनके साथियों की एक दर्जन मोटर साइकिल में आग लगाने की घटना एएमयू के सीसीटीवी में कैद है, जिसमें लिप्त अपराधियों को भी साफ तौर पर कानून को अपने हाथ में लेते देखा जा सकता है। अजय ने कहा कि उनके पास सबूत मौजूद है। अगर वीडियो व फोटो में मेरी गलती है तो मैं निष्कासित होने को तैयार हूं।
लेकिन एएमयू प्रशासन पीड़ित छात्रों को निलंबित कर अपराधियों को बचाने का काम कर रहा है, जो वह नहीं होने देंगे, चाहे इसके लिए कानूनी लड़ाई ही क्यों नहीं लड़नी पड़े। उन्होंने एएमयू प्रशासन को आश्वासन दिया कि कैंपस का माहौल सामान्य बनाने में हर संभव मदद करेंगे बशर्ते कि एएमयू प्रशासन बिना किसी भेदभाव के काम करना शुरू करे।