क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
एएमयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी के खिलाफ अदालत से धारा 82 के तहत जारी कुर्की नोटिस लेकर पुलिस टीम बिहार रवाना हो गई है। यह नोटिस वहां उनके पैतृक आवास पर चस्पा किया जाएगा। उनके खिलाफ एएमयू के ही छात्र से रंगदारी मंगवाने व न देने पर हमला कराने के आरोप का मुकदमा दर्ज है। उसी मुकदमे में मशकूर सहित चार लोगों के खिलाफ सीजेएम न्यायालय से पहले से गैर जमानती वारंट जारी थे, इसके बाद पिछले पखवाड़े कुर्की नोटिस जारी हुए थे। जल्द अगर वह हाजिर न हुए तो फिर कुर्की आदेश प्राप्त किए जाएंगे।
वाकया एएमयू में उपजे जिन्ना विवाद के बीच बाब-ए-सैयद पर चल रहे धरने के समय 14 मई का है, जब एएमयू रास मसूद हाल (छात्रावास) के कमरा नंबर 14 बी में रहने वाले छात्र कमरुल हसन पुत्र कल्लू खां ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप था कि नामजद आरोपी जीशान आजम निवासी सासाराम बिहार तीन लाख रुपये रंगदारी नहीं देने पर उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसके अलावा हमलावर चाहते थे कि हम लोग विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार बाब ए सैयद पर चल रहे धरने में शामिल हों। जब उन्होंने इन्हें मानने से इंकार कर दिया तो आरोपियों ने उन्हें धमकियां दीं। 14 मई रात करीब दो बजे मुख्य आरोपी जीशान अपने कई साथियों वसीम मेवाती निवासी बिहार, तारिक माया निवासीगण जमालपुर सिविल लाइंस, राशिद निवासी एसएस हॉल नार्थ मूल निवासी बिहार के साथ रास मसूद हाल के मुख्य द्वार पर आया और उस पर हमला कर दिया। बचाव में आए उसके भाई अलीम के साथ भी मारपीट की। इस दौरान हवाई फायरिंग संग चाकू भी लहराए गए। उस समय यह आरोप खुलकर लगा था कि मुख्य आरोपी छात्रसंघ के तत्कालीन अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी के साथ हर समय देखा जाता है।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस विनोद कुमार सिंह इस मुकदमे में विवेचना के दौरान मशकूर अहमद निवासी दरभंगा बिहार का नाम भी बढ़ाया गया था। इसी मुकदमे में सीजेएम न्यायालय ने कुर्की की चेतावनी का नोटिस जारी किया गया था, जिसे चस्पा करने टीम बिहार रवाना कर दी गई है।