क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
लोधा के गांव बढ़ौला हाजी में देर रात प्रेमी-प्रेमिका की गोली से मौत के मामले में घटना में ‘ऑनर किलिंग’ की आवाज बुलंद करते हुए युवक परिवार ने कोतवाल पर भी गुमराह करने का आरोप मढ़ा है। सीधे-सीधे कहा है कि जब उन्होंने रात 10 से 11 बजे के मध्य गुमशुदगी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी और परिवार खुद थाने पहुंच गया तो रात ढाई बजे क्यों बताया कि उनका बेटा कहीं वही तो नहीं, जो बढ़ौला हाजी में मारा गया है। वहीं कोतवाल का कहना है कि मौके से उन्हें युवक का आईकार्ड भी मिला था, तो उन्होंने थाने पर बैठे परिवार को पहले क्यों इत्तिला नहीं दी।
यह हैं युवक के परिवार के आरोप
इस संबंध में पोस्टमार्टम केंद्र पर आए निखिल के पांच भाइयों में तीसरे नंबर के सोमेंद्र ने बताया कि वह किसान परिवार से हैं। पिता की मृत्यु हो चुकी है। घर में सबसे बड़े भाई रमाकांत, मुनेश, फिर सोमेंद्र व पुष्पेंद्र के बाद निखिल था। सबसे छोटी बहन है। वह मंगलायतन से डिप्लोमा इंजीनियरिंग का छात्र था। हालांकि उन्हें पहले से इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसके किसी से प्रेम संबंध हैं।
युवती के भाई आकाश का उनके घर आना जाना था। रात 8 बजे भी आकाश ही अपनी बुलेट पर उसे कहीं जाने की कहकर ले गया था। जब उन्होंने 10 बजे निखिल की खोज शुरू की तो पता चला कि उसे आकाश के साथ बाइक पर जाते देखा है। इसके बाद फोन न लगने पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। फिर वह खुद थाने गुमशुदगी दर्ज कराने जा रहे थे, तभी गांव के रास्ते में उन्हें डायल-100 की पीआरवी मिली। पीआरवी स्टाफ ने भी उन्हें थाने जाने की सलाह दी। थाने पहुंचने पर मुंशी ने यही बताया कि फलां गांव में दो मौत हुई हैं। इंस्पेक्टर अभी वहां व्यस्त हैं। आप इंतजार कर लें।
इसके कई घंटे बाद कोतवाल थाने आए। उन्होंने जब हमसे पूछताछ शुरू की तो कहा कि तुम्हारा निखिल कहीं वही तो नहीं। पोस्टमार्टम केंद्र जाकर पहचान कर लो। पुलिस ने यहां तक नहीं बताया कि उन्हें उसका आईकार्ड मिला है। इससे साफ है कि उनके भाई को युवती के भाई व पिता ने मिलकर मौत के घाट उतारा है।
अगर ऐसा होता तो क्यों तय करते युवती का रिश्ता
इस विषय में जब युवती के परिवार के लोगों से बातचीत की कोशिश की तो पोस्टमार्टम केंद्र पर ज्यादातर सदस्य चुप्पी साधे रहे। हां, कुरेदने पर छोटे भाई आकाश व अन्य परिचितों ने बताया कि वह पांच भाई बहन हैं। सबसे बड़े हरकेश, फिर अन्नू के बाद आरती थी। इससे छोटी अर्चना और फिर आकाश है। आरती मंगली थी, इसलिए उसकी शादी होने में देरी हुई। उससे पहले अर्चना की शादी हो गई, जो बाद में विधवा हो गई। एक भाई की पहले मौत हो चुकी है। इस वाकये पर यह लोग इतना ही बोले कि हम किसी पर कोई आरोप नहीं लगा रहे। हमें खुद इस संबंध की जानकारी नहीं थी। अगर ऐसा होता युवती का रिश्ता ही क्यों तय करते। अभी तक तो हमने किसी कानूनी कार्रवाई के विषय में सोचा नहीं है। हम तो यही चाहेंगे कि जो हुआ उसे दोनों पक्ष भूल जाएं। अगर वह आरोप लगा रहे हैं तो फिर हम भी आरोप लगाएंगे और अपनी ओर से तहरीर देने को मजबूर होंगे।
दोनों गांवों में सन्नाटा, पोस्टमार्टम पर तनाव
इस घटना के बाद दोनों गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। दिन भर दोनों के परिवारों में महिलाओं के करुण क्रंदन के अलावा और कुछ नहीं सुनाई दिया। युवती का पिता भी दिन पर चुप्पी साधे बैठा रहा। इधर, पोस्टमार्टम केंद्र पर जरूर दोनों पक्षों की मौजूदगी के कारण तनाव के हालात रहे। इस दौरान पुलिस दोनों को समझाती रही और बाद में कड़ी सुरक्षा में शवों को अलग-अलग ले जाया गया।