क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
बीस दिन से लापता अधिवक्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। उनके अचानक गायब होने पर परिवार ने उन्हें ब्लैकमेल करने वाली नौकरानी व उसके बेटे पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था और पुलिस ने नौकरानी के बेटे को जेल भी भेज दिया था। वहीं पुलिस ने अधिवक्ता के घर से एक चिट्ठी भी बरामद की थी, जिसमें नौकरानी की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर घर से जाने का उल्लेख था। अब पुलिस तमाम पहलुओं पर जांच की बात कह रही है।
सिविल लाइंस हमदर्द नगर जमालपुर निवासी अधिवक्ता मोहम्मद हनीफ (65 वर्ष) अधिवक्ता बीस दिन से लापता थे। मंगलवार तड़के उनका शव रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर दिल्ली की ओर पड़ा मिला।
मौके पर पहुंची जीआरपी ने मामले की पड़ताल शुरू कर की तो पता चला कि हनीफ के अपहरण का मामला सिविल लाइंस में उनके दामाद फैजान ने दर्ज करा रखा है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पुलिस के अनुसार अधिवक्ता का बेटा दुबई और बेटी एएमयू में है। खाना बनाने के लिए नौकरानी आती थी, जो बाद में निकटता के चलते ब्लैकमेल करने लगी। जब अधिवक्ता ज्यादा परेशान हो गए तो चिट्ठी छोड़ कर घर से चले गए।
अधिवक्ता के लापता होने पर मुकदमा दर्ज कर नौकरानी के बेटे को जेल भेज दिया गया, लेकिन अधिवक्ता का कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह उनकी लाश मिलने के बाद उनकी जेब में मिली डायरी से शिनाख्त हुई। डायरी में नंबर मिलाते मिलाते यह भी पता चला कि एक सप्ताह पहले वह इलाहाबाद में अपने एक वरिष्ठ अधिवक्ता दोस्त से वह मिले थे।
वहां उनसे जूनियर के रूप में काम करने का प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव मान लेने के बाद वह अलीगढ़ अपना सामान लेने वापस आ गए थे। इंस्पेक्टर सिविल लाइन का कहना है अपहरण में जो लोग आरोपी हैं उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। इधर, उनकी मौत की खबर पर दीवानी में शोकावकाश घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम पर तमाम अधिवक्तागण पहुंच गए।