क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
कठुआ की आठ वर्षीय बिटिया के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के आरोपियों को कोर्ट द्वारा एक साल के भीतर सजा सुनाने के बाद टप्पल की मासूम बिटिया के लिए न्याय की गुहार लगाने खड़े हुए लाखों देशवासियों को उम्मीद जगी है। कठुआ कांड में फैसला आने के बाद हर ओर से यह आवाज आ रही है कि कठुआ की बेटी को तो इंसाफ मिल गया।
अब टप्पल की बिटिया की बारी है। कोर्ट टप्पल की बिटिया के हत्यारों को भी जल्द से जल्द सजा सुनाकर मिसाल पेश करे। इस मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। डेढ़ साल के भीतर देश के दो अलग-अलग हिस्सों में हुई इन दोनों घटनाओं ने देशवासियों को हिला दिया है। डेढ़ साल पहले देश जिस दौर से गुजरा था। टप्पल कांड के बाद एक बार फिर उसी दौर में आ गया है। हर कोई पुलिस-प्रशासन की ओर टकटकी लगाए देख रहा है। हर ओर से इंसाफ-इंसाफ की आवाज आ रहीं हैं।
घटनाएं दो, स्वरूप एक
टप्पल और कठुआ की बिटिया के साथ दो अलग-अलग घटनाएं हुईं, लेकिन इनका स्वरूप एक ही रहा। जिस प्रकार हत्यारों ने कठुआ की बेटी के साथ दरिंदगी कर उसका शव क्षत विक्षत कर छुपाया उसी प्रकार की वारदात टप्पल की बिटिया के साथ हुई। नृशंसता की हदें उस मामले में भी पार हुईं थीं, नृशंसता इस मामले में भी दिखाई गई। दोनों ही वारदातों के बाद सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने और राजनीति करने की कोशिश भरपूर हुई। देश के आम नागरिक से लेकर अभिनेता और खेल जगत के सितारे कठुआ की बेटी को इंसाफ दिलाने खड़े हुए थे। उसी प्रकार के हालत टप्पल कांड में भी देखने को मिल रहे हैं।
कठुआ की बिटिया को एक साल के भीतर कोर्ट द्वारा इंसाफ देना तारीफ के लायक है। इससे हमें भी अपनी टप्पल की बच्ची को जल्द इंसाफ मिलने की आस जगी है।
- विनीत ठाकुर, खैर
दुर्भाग्यपूर्ण है कि समय-समय पर बेटियों के साथ नृशंसता के मामले सामने आ रह हैं। सरकार को इस पर ध्यान दे। कठुआ की तरह टप्पल की बिटिया को जल्द से जल्द इंसाफ मिले यही हमारी मांग है।
- राहुल शर्मा, टप्पल