न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बैंक खातों से पैसे उड़ने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। वहीं पीड़ित जब इसकी शिकायत करने बैंक जाता है, तो उसे पुलिस का हवाला देकर टरका दिया जाता है। थाने के चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज करने से परहेज करती है। ऐसा ही एक वाकया थाना सिविल लाइन क्षेत्र के विष्णुपुरी निवासी एक युवक के साथ हुआ। पीड़ित ने गुरुवार को एसएसपी से इसकी शिकायत की।
बॉबी कुमार पुत्र राजकुमार शर्मा थान सिविल लाइन क्षेत्र के विष्णुपुरी गली नंबर चार में रहते हैं। 25 अप्रैल की दोपहर उनके मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले शातिर ने खुद को एक निजी बैंक का मैनेजर बताया जहां पीड़ित का अकाउंट है। शातिर ने उनसे क्रेडिट कार्ड की डिटेल मांगी। जिस पर पीड़ित ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
थोड़ी देर बाद पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से पांच बार में पचास हजार रुपये उड़ गए। इस पर पीड़ित बैंक पहुंचा। उसने मैनेजर को पूरी बात बताई। आरोप है कि मैनेजर ने बताया उनका कार्ड ब्लाक है। सख्ती से पूछने पर मैनेजर ने बैंक की गलती बताकर एक सप्ताह में पैसा वापस आने की बात कही।
एक सप्ताह बाद जब वह दोबारा बैंक गए तो वहां से टरका दिया गया। वहीं पीड़ित ने 1 मई को इस संबंध में थाने में तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने एक महीना बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। गुरुवार को पीड़ित ने एसएसपी आकाश कुलहरि को पूरा मामला बताया। इस पर एसएसपी ने थानाध्यक्ष को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित का कहना है कि थाने और बैंक के चक्कर लगाते-लगाते उसकी चप्पल घिस गईं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।