क्राइम डेस्क, अमर उजाला, इगलास (अलीगढ़) ।
पुलिस का दावा था कि जब गोरई की बाजार पहुंचे दरोगा धीरज सिंह ने वारंटी अजीत सिंह से चौकी चलने के लिए कहा तो उसने दरोगा से अभद्रता की। इसी बीच पहुंचे सिपाहियों से भी अभद्रता की। किसी तरह उसे काबू में कर चौकी ले जाया गया, लेकिन पुलिस की इस कहानी की पोल एक वायरल वीडियो ने न सिर्फ खोलकर रख दी है बल्कि पुलिस को बेरहम चेहरा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय है।
वायरल वीडियो में दरोगा और सिपाही भरे बाजार अजीत सिंह को बेरहमी से लात, घूसों और डंडों से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। जब लोगों से नहीं देखा गया तो भीड़ ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद पुलिस वारंटी अजीत को चौकी ले गई।
शुक्रवार को गोरई चौकी इंचार्ज धीरज सिंह सिपाही रवेंद्र और सोनू के साथ वारंटी अजीत सिंह पुत्र गोपाल निवासी हर्जी का बास को पकड़ने गए थे। बाजार में उसे पकड़ लिया था। गोरई चौकी इंचार्ज ने अपने और सिपाहियों के साथ अभद्रता और मारपीट का आरोप अजीत सिंह पर लगाया था।
वहीं सोशल मीडिया में वायरल वीडियो पुलिस की कहानी को झुठलाते हुए कुछ और ही हकीकत बयां कर रहा है। सीओ राम आशीष यादव के अनुसार वारंटी अजीत ने पुलिस के साथ मारपीट, अभद्रता व सरकारी कार्य में बाधा डाली थी, जिस पर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। वायरल वीडियो पर पुलिस खामोश है।