न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
सासनी। बैंकों में हो रही लूट एवं चोरी की घटनाओं से बैंकों के अधिकारी और पुलिस-प्रशासन सकते में है। केनरा बैंक की स्थानीय शाखा में गुरुवार को दीवार काटकर चोरी के प्रयास की घटना ने बैंक के सुरक्षा इंतजामों की कलई खोलकर रख दी है। इससे पूर्व भी अलीगढ़ ग्रामीण बैंक की कौमरी शाखा के मैनेजर एवं कैशियर को बंधक बनाकर कैश लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
जिला सहकारी बैंक की सासनी शाखा में भी कूमल लगाकर चोरी की वारदात हुई। सेंट्रल बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं से भी बदमाश एटीएम को उखाड़कर ले गए, लेकिन आज तक इनमें से किसी वारदात का खुलासा नहीं हो सका है। गौरतलब है कि कि 23 नवंबर 2011 को अलीगढ़ ग्रामीण बैंक की कौमरी शाखा में सहायक मैनेजर और कैशियर को बंधक बनाकर बदमाश करीब बीस लाख का कैश लूटकर ले गए थे और विरोध करने पर दोनों की बटों से जमकर पिटाई भी की थी। यह घटना आज तक अनसुलझी है। कस्बा में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सबसे पुरानी शाखा है। उसमें भी 12 नवंबर 2013 की रात को बदमाशों ने दीवार काटने का प्रयास किया था।
घटना में बदमाशों द्वारा मौके पर छोड़ा गया गैस कटर, गैस सिलेंडर, पेचकस और प्लास आदि बरामद हुआ था, लेकिन बदमाश मौके से भाग गए थे। अलीगढ़ जिला सहकारी बैंक की स्थानीय शाखा में भी बदमाशों ने वर्ष 2006 में सामान को खुर्द-बुर्द कर चोरी का प्रयास किया था। 23 नवंबर 2014 की रात को भी बदमाशों ने इसी शाखा की दीवार काटकर तिजोरी चोरी का प्रयास किया था। शाखा का सामान तितर-बितर कर दिया था, लेकिन तिजोरी नहीं ले जा सके थे। तिजोरी में करीब पांच लाख रुपये का कैश था। एक जनवरी 2018 की रात को बदमाशों ने मंगलायतन स्थित पंजाब नैशनल बैंक का एटीएम चोरी कर लिया था, जिसमें करीब साढ़े नौ लाख का कैश था। नौ अप्रैल 2018 को कस्बा में लगे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को भी बदमाशों ने निशाना बनाया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। अहम सवाल यह है कि बैंक में हुई लूटपाट एवं चोरी के प्रयास की घटनाओं में पुलिस अभी तक खाली हाथ है।