क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के सासनी गेट इलाके में मथुरा रोड पर लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व एमएलसी सुनील सिंह के निर्माणाधीन भवन पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड धर्मेश की हत्या करने वालों को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
धर्मेश की हत्या रिश्ते के चाचा सोनू ने परिवार की एक महिला से अवैध संबंधों के चलते की थी। धर्मेश सोनू और महिला के संबंधों का विरोध करता था।
इसी बात पर सोनू ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर रंजिशन हत्या कर दी। हालांकि इस मामले में अभी भी एक हत्यारोपी फरार है।
एसएसपी आकाश कुलहरि ने पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता कर आरोपियों के बारे में खुलासा किया। एसएसपी के अनुसार सोनू निवासी सोनू पुत्र किशनलाल निवासी सुरीर, मथुरा ने अपने साथी पवन पुत्र रग्गो निवासी जावली, मथुरा और देवी सिंह पुत्र चोखेलाल निवासी जावली, शेरगढ़ मथुरा के साथ मिलकर 31 दिसंबर की रात वारदात को अंजाम दिया था।
मुख्य आरोपी सोनू नेेे पूछताछ में कुबूल किया कि उसके धर्मेश के परिवार की एक महिला से संबंध थे। धर्मेश को इस बात की भनक लग गई और वह विरोध करने लगा था। इस मौके पर एसपी सिटी आशुतोष द्विवेदी, एसपी यातायात अजीजुल हक, एएसपी नीरज जादौन मौजूद रहे।
यह थी वारदात
लोधा के गांव जोफरी केशोपुर का रहने वाला धर्मेश कुमार(42) पुत्र सुरेश चंद्र तोमर उर्फ हरी सिंह मथुरा रोड पर गंगा धाम कालोनी के पास बन रहे भवन में सिक्योरिटी गार्ड था। 31 दिसंबर की रात वह परिसर के अंदर बने स्कूल के कमरे में सो रहा था।
इसी दौरान धर्मेश की सिर कुचल हत्या कर दी। एक जनवरी को सुबह मजदूरों ने धर्मेश का शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो चुकी थी।
पुलिस ने परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाया तो उसमें एक सोनू को परिजनों ने पहचान लिया। इसी के आधार मृतक के पिता ने सोनू के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। दो अज्ञातों को भी मुकदमे में शामिल किया था।
आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम
थाना सासनी गेट इंस्पेक्टर अरुणा राय, एसएसआई सुरेंद्र बाबू, एसआई मदन सिंह, एसआई रामवीर सिंह, एसआई जितेंद्र सिंह, सुनील बाबू, प्रमोद कुमार, योगेंद्र कुमार शामिल रहे।