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राशन डीलर की सिफारिश में आए प्रधान ने दे डाली डीएसओ को पीटने की धमकी

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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राशन डीलर की सिफारिश के लिए आए गांव सपेरा भानपुर के प्रधान ने सारी हदें पार करते हुए दफ्तर में बैठे डीएसओ के साथ जमकर गाली गलौज करते हुए पीटने की धमकी दे डाली। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा और उनसे भी गाली गलौज की। बाद में उन्हें डीएम के सामने पेश किया गया। डीएम ने सिविल लाइन पुलिस बुला ली। बाद में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।

यह रहा घटनाक्रम : दोपहर करीब 12 बजे डीएसओ नीरज कुमार अपने कार्यालय कक्ष में बैठे थे। तभी सपेरा भानपुर के प्रधान राशन डीलर जगदीश प्रसाद, उसके पुत्र भगवती प्रसाद एवं एक अन्य व्यक्ति के साथ मौके पर आए। उन्होंने डीएसओ पर राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई न करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
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दरअसल राशन डीलर ने अपनी दुकान पर एक नोटिस लगा रखा था। इसमें लिखा था कि हमें 65 क्विंटल गल्ला कम मिला है अत: सभी उपभोक्ताओं को कम अनाज दिया जाएगा। पिछले दिनों मिली शिकायत के आधार पर डीएसओ ने जांच के लिए इंस्पेक्टर को भेजा तो शिकायत सही पाई गई।

इस पर डीलर को नोटिस जारी किया गया था। बुधवार को उसकी पैरवी को आए प्रधान ने नोटिस वापस लेने तथा डीलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर गंभीर परिणाम झेलने की चेतावनी दी तो डीएसओ भी उखड़ गए और कार्रवाई की बात पर अड़ गए। इसे लेकर दोनों पक्षों में तू-तू मैं-मैं हुई जो बाद में गालीगलौज में बदल गई।

इस बीच प्रधान ने अपने रसूख का प्रदर्शन कर डीएसओ को पीटने की धमकी दे डाली। बीच बचाव को आए कर्मचारियों से भी गाली गलौज की। बाद में उन्हें डीएम के समक्ष पेश किया गया। इस बीच उनके साथ आया व्यक्ति भाग गया। प्रधान, डीलर एवं उसके बेटे को डीएम ने एक कमरे में बंद कराकर सिविल लाइन पुलिस बुला ली। पुलिस को देखकर तीनों गिड़गिड़ाने लगे।
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राशन डीलर ने राशन कार्ड से कटे, मृत और स्थानांतरित उपभोक्ताओं का 65 क्विंटल गल्ला अवैध रूप से खुर्द बुर्द कर दिया था। उपभोक्ताओं को भ्रम में डालने के लिए दुकान पर बोर्ड लगा दिया था कि विभाग से उसे 65 क्विंटल गल्ला कम मिला है। इंस्पेक्टर की जांच में खुलासा होने पर उसे नोटिस जारी गया था। इस मामले में राशन डीलर और उनके बेटे के साथ आए प्रधान ने नोटिस वापस लेने के लिए दबाव बनाया। न मानने पर गाली गलौज व अभद्र बर्ताव किया। इस मामले में एडीएम वित्त उदय सिंह द्वारा की गई सुनवाई के बाद प्रधान व डीलर ने लिखित में अपने बर्ताव के लिए माफी मांगी। इसके बाद समझौता कर लिया गया।
नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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