क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
देवबंद में दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब एटीएस के फोकस पर अलीगढ़ भी है। यहां पर भी खुफिया एजेंसियों ने अपनी सरगर्मी बढ़ा दी है। एएमयू में कुछ दिन पहले हुए प्रकरण और पुलवामा में हुए हमले के बाद एएमयू के कश्मीरी छात्र द्वारा जवानों के संबंध में की गई टिप्पणी के बाद पहले से ही अलीगढ़ खुफिया निगाहों की निगरानी में था। देवबंद प्रकरण के बाद वेस्ट यूपी के बाद अलीगढ़ भी एक बार फिर एटीएस के रडार पर अलीगढ़ आ गया है।
सहारनपुर देवबंद के कोतवाली के मोहल्ला खानखाह से 12 छात्रों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें दो छात्र कश्मीर के, पांच उड़ीसा के अन्य अलग अलग जगहों के बताए जा रहे हैं। चूंकि कश्मीरी छात्रों की मौजूदगी अलीगढ़ में भी रहती है। जवानों पर टिप्पणी करने वाले छात्र के विषय में बता चला है कि वह नोएडा में है। अब एटीएस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि कहीं देवबंद के कश्मीरी छात्र और अलीगढ़ के संबंधित छात्र या अन्य किसी छात्र का इनसे कोई जुड़ाव तो नहीं है। इसके लिए पूछताछ चल रही है।
अलीगढ़ में चार दशक पहले प्रतिबंधित संगठन सिमी की स्थापना हुई थी। इसके अलावा हिजबुल आतंकी मन्नान वानी भी अलीगढ़ से अचानक लापता होकर घाटी में सक्रिय हुआ। बीच बीच में भी कुछ घटनाएं ऐसी हुई जिनके बाद अलीगढ़ सुरक्षा एजेंसियों की निगाहों में रहा। सुरक्षा की दृष्टि से ही शहर में सभी सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टैंड, होटल आदि में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
‘पुलिस पूरी तरह चौकसी बरत रही है। सुरक्षा ऐजेंसी या खुफिया एजेंसी जिस तरह का भी सहयोग और डाटा आदि हमसे मांगेंगी, प्रदान किया जाएगा’
- आकाश कुलहरि, एसएसपी