न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
हाथरस के सादाबाद थाने की पुलिस ने हत्या के आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर थाने में बांध कर उल्टा लटकाया और रात भर मारपीट की। शुक्रवार की शाम जब पुलिस उसको अलीगढ़ के जिला कारागार लेकर पहुंची तो उसकी हालत को देखते हुए जेल प्रशासन ने अपने यहां लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद जिला अस्पताल लाने पर इमरजेंसी के डाक्टर ने बोर्ड से डाक्टरी परीक्षण करनेे की बात कही।
फिलहाल यह युवक जिला अस्पताल में ही डाक्टरों की देखरेख में है। दूसरी ओर सादाबाद पुलिस का कहना है कि तलाशी लेने पर इस युवक के पास से प्रतिबंधित 150 ग्राम डायजापाम पाउडर बरामद हुआ। अदालत में हाजिर न होने के कारण उसके खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं।
मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज करा रहे हत्या के आरोपी शिव नारायण उर्फ झुन्ना पुत्र पूरन चंद निवासी गढ़ उमरा, सादाबाद जिला हाथरस ने बताया कि वह गिलेट का काम करता है। वर्ष 2014 में मथुरा के थाना बलदेव इलाके के गांव बरौली में कदम खंडी मंदिर पर एक युवक की हत्या हुई थी। दूसरे पक्ष ने हत्या में उसकी नामजदगी करा दी। इस मामले में उसने दो साल पहले अदालत से जमानत भी करा ली थी।
इसके बाद हाजिर नहीं होने पर अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। वारंट को लेकर थाना बलदेव पुलिस के सिपाही थाना सादाबाद आए। थाना सादाबाद पुलिस ने गुरुवार को उसे घर से उठा लिया। यहां से पुलिस ने हाथरस के जिला अस्पताल में उसका डाक्टरी परीक्षण कराया जिसमें उसके कोई चोट नहीं थी। परीक्षण के बाद पुलिस उसे थाने ले गई।
आरोप है कि बात यहीं से बिगड़ी। थाने में पुलिस वालों ने उससे गाली गलौज करते हुए कहा कि तेरी वजह से हमारा वेतन अदालत ने रोक दिया है। जब इस अभद्रता का विरोध किया तो रात में उसे पेड़ से बांध कर उल्टा लटकाकर पूरी रात जमकर पीटा गया। सुबह जब उसकी हालत मरणासन्न हो गई तो वे हाथरस जिला अस्पताल ले गए। वहां पर पूरे दिन पुलिस वाले तय नहीं कर पाए कि इस हालत में कहां ले जाएं।
इसके बाद शुक्रवार की शाम को शिव नारायण को अलीगढ़ जिला कारागार लाया गया। यहां पर जेल के डाक्टर ने जब उसकी ऐसी हालत देखी तो उसे अंदर लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद शिव नारायण को मलखान सिंह जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर इमरजेंसी में डाक्टर इकरार अहमद मौजूद थे। उन्होंने जब आरोपी की हालत देखकर मेडिकल परीक्षण से हाथ खड़े कर दिए। तुरंत ही अस्पताल के सीएमएस और अन्य वरिष्ठ डाक्टरों को बुलवाया गया। तय हुआ कि यह तकनीकी मामला है। कोर्ट और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद ही कुछ हो सकता है। ऐसे मामलों में मेडिकल बोेर्ड डाक्टरी परीक्षण करता है।
अब शिवनारायण का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। मेडिकल बोर्ड के लिए आला अधिकारियों को अवगत कराया गया है। दूसरी ओर पुलिस चौकी मई के प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे गढ़ उमरा से बिलारा जाने वाले रास्ते पर शिवनारायण को शक के आधार पर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से प्रतिबंधित 150 ग्राम डायजापाम पाउडर बरामद हुआ।
जेल से मेडिकल परीक्षण के लिए आए आरोपी के मामले में मुझे मेडिकल ओपिनियन के लिए बुलाया था। मैंने आरोपी की हालत के बारे में अपनी राय दे दी है। उसे इलाज की जरूरत है। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड एक तकनीकी मामला है। वह अधिकारी देखेंगे।
- डॉ. वाई के भारद्वाज, वरिष्ठ सर्जन , जिला अस्पताल, अलीगढ़
जिस हालत में आरोपी को हमारे पास लाया गया है। उसमें कोर्ट के आदेश पर सीएमओ के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड गठित होता है। वह ऐसे मामलों में डाक्टरी परीक्षण करता है। हमने उसका उपचार शुरू कर दिया है।
- डॉ. राम किशन, सीएमएस, जिला अस्पताल, अलीगढ़