क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अपने महानगर में गांजे की तस्करी का धंधा जोरों पर है। पुलिस ने इसी धंधे पर चोट पहुंचाने के इरादे से मीनाक्षी पुल से पांच गांजा तस्कर 38 किलो गांजे के साथ दबोचे हैं।
यह गिरोह शहर के विभिन्न इलाकों में गांजे की सप्लाई देता है और मीनाक्षी पुल व सुदामापुरी इलाके में खुद ही एजेंटों की मदद से फुटकर में बिकवाता है। अभी पुलिस ने इस रैकेट के जरिए अन्य बड़े रैकेटों तक पहुंचने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
खास बात यह है कि दिल्ली व यूपी में बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से नक्सली गांजे की सप्लाई भेज रहे हैं। वहां मोटी रकम लेकर खुद धंधा कर रहे हैं। बरामद माल की कीमत 10 हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से बताई जा रही है। कुल माल तीन लाख 80 हजार का बताया जा रहा है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने पुलिस लाइन सभागार में शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि इंस्पेक्टर क्वार्सी राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान शुक्रवार देर रात मोहन नगर गांधी आई के पास से विनीत शर्मा, कृष्णा उर्फ केडी, राहुल निवासीगण श्यामनगर सिविल लाइंस, राजू निवासी बेगमबाग क्वार्सी, शिवम सक्सेना निवासी सुदामापुरी सिविल लाइंस को 38 किलो गांजा, एक तमंचा 315 बोर मय दो कारतूस व एक बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया। ये दिल्ली से माल लाकर यहां सप्लाई देकर आपस में मुफाया बराबर-बराबर बांट लेते हैं।
एसएसपी ने बताया कि पिछले दिनों लोधा में दिल्ली से ट्रक में जाते समय एक सेवरले कार में माल उतारते समय गांजा पकड़ा था। उस समय अपराधी भाग गए थे। मगर जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल के नक्सलियों द्वारा माल दिल्ली व यूपी में भेजा जाता है। वहां ट्रांसपोर्टरों को यह कहकर माल दे देते हैं कि रास्ते में कोई ले लेगा।
दोनों ओर से ट्रक ऑपरेटर को रकम मिलती है। चूंकि नक्सल प्रभावित इलाकों में गांजा पैदा होता है, इसलिए यह महंगी कीमत में यहां भेजा जा रहा है। यह नक्सलियों की आय का बड़ा स्रोत बन रहा है। एसएसपी ने बताया कि इसी जांच में इस रैकेट की जानकारी हुई है। यह शहर के जीवनगढ़, मीनाक्षी पुल, सुदामापुरी, बेगमबाग आदि इलाकों में सप्लाई दे रहा था।
इससे जुड़े कुछ अन्य बड़े रैकेट की जानकारी हुई है। उसे भी जल्द पकड़ा जाएगा। इसके पीछे कुछ पहुंच रखने वाले लोग भी शामिल हैं। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ प्रथम विशाल पांडेय सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर क्वार्सी राघवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।