क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
वरिष्ठ भाजपा नेता व एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैय्या के दामाद प्रवीण राज सिंह की गाड़ी पर हमले की घटना के आरोपी बुलेट सवार नवयुवकों खोज पूरी हो गई। यह नवयुवक धौर्रा इलाके के रहने वाले हैं।
अब इनकी ऐसा करने के पीछे मंशा क्या थी, यह तो पुलिस गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट कर पाएगी। मगर इतना जरूर है कि जब पुलिस इनके घर तक पहुंची तो परिजन बेचैन हो गए और युवक भी पुलिस के आने के डर से गायब हो गए। अब परिजन पुलिस अधिकारियों से माफी की गुहार लगाने को प्रयासरत हैं।
वाकया 30 जून की शाम करीब 5 बजे का है। सुरेंद्र नगर निवासी भाजपा नेता ठा.श्यौराज सिंह के पुत्र व एटा सांसद के दामाद प्रवीण राज सिंह अपने छोटे भाई के साथ घर से निकले थे। गाड़ी को ड्राइवर गुड्डू चला रहा था।
वह खुद सेंटर प्वाइंट पर उतर गए और छोटे भाई पीडब्ल्यूडी ऑफिस गए। वहां से ड्राइवर अपने कपड़े डालते हुए केला नगर होकर घर जा रहा था। जब वह लौट रहा था तो केला नगर से ही बुलेट सवार संदिग्ध उसके पीछे लग गए। सोढ़ी कांप्लेक्स पर आते ही बाइक सवारों ने उसे ओवरटेक कर रुकवा लिया।
आरोप है कि उनके हाथों में हथियार भी था। चूंकि गाड़ी के शीशों पर ऐसी फिल्म है, जिसमें बाहर से अंदर नहीं दिखता तो उन्होंने साइड मिरर को तोड़ दिया। इस पर ड्राइवर ने थोड़ा सा शीशा उतारा तो हमलावरों ने अंदर झांककर उससे सवाल दागा। यहां तक कहा कि अब उन्हें देखेंगे, बहुत बड़े नेता बनते हैं।
इसके बाद वह भाग गए। हमलावर कौन थे और क्यों यह सब किया। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए ड्राइवर की तहरीर पर क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए जिसमें बुलेट सवार चिह्नित हो गए और बाद में उनकी पहचान के आधार पर पुलिस उनके धौर्रा स्थित घर तक पहुंच गई।
हालांकि वह घटना के दूसरे दिन से ही घरों से गायब बताए गए हैं। मगर परिजनों ने सफाई दी है कि बच्चों से नासमझी हुई है। फिलहाल पुलिस उनकी गिरफ्तारी को प्रयासरत है। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव इतना ही बताते हैं कि गिरफ्तारी के बाद ही कुछ स्पष्ट होगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।