क्राइम डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो
महानगर के सिविल लाइंस के सुदामापुरी इलाके में इंजीनियर से शादी के दो माह में ही विवाहिता की संदिग्ध हालत में जलने से मौत हो गई। मायके पक्ष ने इंजीनियर पर सीधे-सीधे दहेज में कार व अन्य कीमती सामान न मिलने पर जलाकर मारने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि बेटी की मौत पर उन्हें सही सूचना देने के बजाय बरगलाया जाता रहा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पति व ससुर को हिरासत में ले लिया है।
मूल रूप से पलवल हरियाणा के सिटी थाना क्षेत्र के शिखपुरा गांव निवासी किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुरेश कुमार ने बेटी अलका की शादी 24 फरवरी 2018 को नोएडा में निजी कंपनी में बतौर इंजीनियर तैनात ललित निवासी सुदामापुरी संग की। शादी में सब कुछ हैसियत के अनुसार खर्च किया गया।
मगर आरोप है कि इसके बाद से उसे कार आदि के लिए तंग किया जाने लगा। खबरें मायके तक पहुंचने पर उन्हें समझाया गया। मगर शुक्रवार देर शाम सूचना मिली कि वह तुरंत अलीगढ़ आ जाएं। यहां आने पर जब बेटी नहीं मिली तो कभी नोएडा जाने की कहने लगे तो कभी कुछ कहने लगे।
सीधे सीधे नहीं बताया कि उनकी बेटी की क्या हालत है। इस पर पुलिस को सूचना दी। तब सच्चाई सामने आई। पिता सुरेश ने दामाद ललित व समधी सूरजभान सहित तीन लोगों पर दहेज हत्या दर्ज कराई है। पुलिस ने एक निजी नर्सिंग होम में मृत घोषित की गई अलका के शव को पोस्टमार्टम के बाद मायके पक्ष को सौंप दिया है।
इंस्पेक्टर जावेद खान के अनुसार पति व ससुर हिरासत में हैं। आगे की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आगे की सच्चाई तय करेगी।