न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एटीएम में डाली जाने वाली रकम में से 1 करोड़ 43 लाख के गबन के मुकदमे में एक साल बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर अदालत ने याचिका के आधार पर पुलिस से आख्या तलब की है और साफ-साफ कहा है कि विवेचक के अदालत में हाजिर न होने पर इंस्पेक्टर से जवाब तलब किया गया है। वहीं इस मामले में जिला पुलिस स्तर से ईओडब्ल्यू से जांच कराए जाने की संस्तुति की गई है।
वाकये के अनुसार केनरा बैंक के एटीएम में रकम डालने के लिए तीन तारीखों में क्रमश: 13 अक्तूबर 2017 को 40लाख रुपये दिए गए और 20 लाख रुपये डाले गए। 16 अक्तूबर को 1.44 करोड़ रुपये लिए गए 64 लाख रुपये डाले गए।
23 अक्तूबर को 1.20 करोड़ रुपये दिए गए और 80 लाख रुपये डाले गए। इस तरह कुल 1 करोड़ 43 लाख के गबन की बात सामने आने पर बैंक के महाप्रबंधक की ओर से क्वार्सी थाने में बैंक के ही तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
इस मामले में अधिवक्ता रविंद्र शर्मा की ओर से आख्या तलब करने के लिए याचिका दायर की। जिस पर इंस्पेक्टर को 5 नवंबर तक आख्या भेजने के लिए निर्देशित किया गया और विवेचक के हाजिर न होने पर 14 नवंबर से इंस्पेक्टर से जवाब तलब किया गया है।
वहीं इस मामले में इंस्पेक्टर क्वार्सी का कहना है कि आख्या अदालत को भेजी गई है। इस मामले में जिला पुलिस स्तर से ईओडब्ल्यू से जांच कराए जाने संबंधी संस्तुति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी गई है।