शहर के बैंकिंग इतिहास में पहली बार एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसी पर ही कैश अपलोड करने में करोड़ों रुपये की धनराशि का हेरफेर करने का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि कैश अपलोड करने वाली एजेंसी ने 1.40 करोड़ रुपये की हेरफेर कर दी है। लेकिन सिर्फ 3.16 लाख रुपये का कम कैश अपलोड होने की बात स्वीकार की है।
बैंकिंग जगत में चर्चा का विषय बने इस मामले में केनरा बैंक रामघाट रोड शाखा के मुख्य प्रबंधक ने मैसर्स इलेक्ट्रानिक पेमेंट एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नवी मुंबई महाराष्ट्र के संरक्षक, कंपनी संरक्षक, दो गार्ड एवं वैन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
केनरा बैंक के मुख्य प्रबंधक श्रवण कुमार ने क्वार्सी दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि शहर में बैंक से जुड़े 9 एटीएम का रखरखाव मैसर्स राइटर सेफ गार्ड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। चार एटीएम का मैसर्स इंपीएस लि. के द्वारा रखरखाव किया जाता है। दोनों कंपनियों के संरक्षक अरुण कुमार हैं। मै. इलेक्ट्रानिक पेमेंट एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने नौ एटीएम में रुपये डालने के लिए क्रमश: 13, 16 तथा 23 अक्तूबर 2017 को40 लाख, 144 लाख तथा 120 लाख रुपये लिए थे।
कंपनी को यह रुपये जयगंज, भुजपुरा चौक, जनकपुरी, मसूदाबाद, आगरा रोड, जीटी रोड, क्वार्सी चौक, जमालपुर एवं सुदामापुरी के एटीएम की मशीन में डालने थे। 20 दिसंबर 2017 को इसका आडिट किया तो गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद आगरा में कंपनी के नजदीकी प्रतिनिधि अमृत लाल सैकरवार को नकदी के मिलान के लिए सूचना दी।
काफी विलंब तथा अनेक बार करने के बाद आठ जनवरी 2018 को वे शाखा में भौतिक नगदी मिलान के लिए आए। सत्यापन में पता चला कि 1.43 करोड़, 16 हजार 900 की रुपये की गड़बड़ी है। कंपनी ने 3.16 लाख रुपये का राशि लेना स्वीकार किया, लेकिन एक 1.40 करोड़ रुपये की नकदी की कमी को स्वीकारने से मना कर दिया। इसी मामले में रिपोर्ट दर्ज करायी गई है।