मुठभेड़ में घायल आरोपी को उपचार के लिए ले जाते पुलिस कर्मी
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1 सितंबर को तड़के पहर करीब पौने चार बजे हाथरस ब्रांच के किनमासा नहर पुल के समीप थाना पुलिस की गो तस्करों से मुठभेड़ हो गई। इसमें एक गो तस्कर के पैर में गोली लगी है। उसे पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि उसके दो साथी भागने में सफल रहे। उनकी तलाश में पुलिस ने दबिश जारी होने की बात कही है।
थाना प्रभारी सुनील कुमार तोमर के अनुसार चेकिंग के दौरान गांव शेखूपुर की ओर से दिल्ली नंबर की होंडा सिटी कार आ रही थी। रुकने का इशारा करने पर कार सवार गांव अरनी की ओर भागने लगे, लेकिन तीव्र मोड़ के कारण कार अनियंत्रित होकर खेत में चली गई। इस पर कार से उतरकर तीन व्यक्ति भागे। पकड़ने का प्रयास करने पर भागते हुए पुलिस पर फायरिंग की।
जवाबी फायरिंग में मतीन कुरैशी पुत्र मुन्ना निवासी काजीपाड़ा थाना टप्पल के पैर में गोली लगी। उसे पकड़ लिया गया। उसके पास से तमंचा, कारतूस के अलावा कार से एक रस्सी, छुरा, सिरिंज, निडिल व कुछ नशीली दवाओं के इंजेक्शन पुलिस को मिले हैं। उसने भागे साथियों के नाम अमान पुत्र इस्लाम निवासी खैर व नाजिम पुत्र इस्लाम निवासी जनता मजदूर कॉलोनी, शीलमपुर दिल्ली बताया।
14 सितंबर को गांव नगला बिरखू में आबादी के बाहर खाली पड़े प्लॉट में संरक्षित पशु काटा गया था। तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस के अनुसार मतीन कुरैशी पर थाना टप्पल में दो, कोतवाली खैर में चार, थाना गोंडा में दो व जिला अमरोहा में एक मुकदमा दर्ज है।
बेहोश कर सुनसान स्थान पर ले जाते थे पशु
गोंडा थाना प्रभारी सुनील कुमार तोमर ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी रेकी कर संरक्षित निराश्रित पशुओं के उठने-बैठने का स्थान चिह्नित करते थे। फिर एक व्यक्ति रात में नशे का इंजेक्शन लगाकर पशु को अर्धबेहोश कर देता था ताकि वह ज्यादा हरकत न कर सकें। कुछ समय बाद सभी आरोपी उसे सुनसान स्थान पर उठाकर ले जाते थे और काटने के बाद अवशेष वहीं छोड़कर भाग जाते थे।