पुलिस प्रशासन की टीम ने नगला पटवारी में छापामार कर पकड़ी नकली दवा।
जिले में पशुओं में फैल रहे लंपी वायरस को लेकर बाजार में नकली दवाएं बेची जा रही हैं। इसका खुलासा मंगलवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला प्रशासन एवं पुलिस के संयुक्त छापे में हुआ है। संयुक्त टीम ने क्वार्सी क्षेत्र के नगला पटवारी में दो स्थानों पर छापा मारकर बड़े पैमाने पर पशुओं से जुड़ी करीब 25 लाख रुपये की कीमत की नकली दवाएं बताई जा रहीं हैं। इन दवाओं के करीब छह नमूने लिए हैं, जिनको परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की तैयारी है। यह छापामार कार्रवाई पशुपालन विभाग के विशेष सचिव के निर्देश पर की गई है।
देर रात तक मिले दवाओं के जखीरे की कीमत का आकलन किया जा रहा है। इस पूरे खेल में विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पशुओं में फैल रहे लंपी वायरस का जनपद के खैर, टप्पल एवं चंड़ौस क्षेत्र में काफी असर है। कुछ लोग आपदा में अवसर की तलाश में जुट गए हैं। ऐसे ही बाजार में डप्सी नामक दवा, वैक्सीन बाजार में बिक्री के लिये उतार दी गयी है। मथुरा में इस प्रकार का मामला प्रकाश में आ चुका है। इसको लेकर मंगलवार को जिले के दौरे पर पहुंचे विशेष सचिव पशुपालन देवेंद्र कुमार पांडेय ने अफसरों को सख्त हिदायत देते हुए नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए निर्देशित किया था।
देर शाम अफसरों को नगला पटवारी क्षेत्र में दो स्थानों पर नकली दवाओं का जखीरा मौजूद होने की जानकारी मिली। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा, एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर हेमेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी निरीक्षक क्वारसी संजय जायसवाल आदि की टीम ने गली नंबर छह में सफीक अहमद के मकान पर छापेमारी की। यहां बड़ी मात्रा में डप्सी समेत पशुओं से जुड़ी नकली दवाओं का जखीरा मिला है।
सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि टीम देर रात तक जांच पड़ताल में जुटी हुई हैं। नकली दवाओं की कीमत का भी आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि नकली दवाएं अलीगढ़ में ही एक फैक्ट्री में तैयार की जा रही थी।