अलीगढ़। कोरोना वायरस की वजह से ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। खासकर स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे लोगों के समक्ष तो अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई है। मम्मी-पापा, बीवी- बच्चे, भाई-बहन सहित अन्य परिजन पास तो होते हैं, लेकिन कोरोना का संक्रमण ना फैले इसलिए करीब नहीं जाते। स्वास्थ्य विभाग में फार्मेसिस्ट अभिषेक वाष्णेँय की भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। अतरौली के अभिषेक की ड्यूटी राजकीय होम्योपैथिक कालेज स्थित क्वारंटीन में लगी है। 16 दिन से वह ड्यूटी के बाद घर तो जाते हैं लेकिन 8 साल की बेटी व 10 साल के बेटे को गले नहीं लगा पाते। पत्नी और मम्मी दूर से ही अभिषेक को निहारती है। घर के गेस्ट रूम में अकेले रहते हैं। अभिषेक कहते हैं कि अभी इमोशनल होने का समय नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी है। देश ही नहीं पूरी दुनिया महामारी की चपेट में है। ऐसे समय में सबसे जरूरी अपने देश एवं मानवता की इमानदारी से सेवा करना है। वह कहते हैं कि संक्रमण की चेन टूट गई तो अलीगढ़ ही नहीं पूरा देश असुरक्षित हो जाएगा। जनपदवासियों से हाथ जोड़कर आग्रह करते हैं कि लॉक डाउन का कड़ाई से पालन करें। घर में सुरक्षित रहें। किसी के संपर्क में ना आए। देश के हजारों स्वास्थ्य कर्मी, पुलिसकर्मी और समाजसेवी जान की बाजी लगाकर संक्रमण रोकने में लगे हैं। आप घर में रहकर उनकी मेहनत को सार्थक बना सकते हैं। सब के सहयोग से ही कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है।
महिला एवं बुजुर्गों का रखते हैं खास ख्याल
राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज स्थित क्वारंटीन में भर्ती महिला एवं बुजुर्गों का अभिषेक विशेष ख्याल रखते हैं। कुछ लोग ऐसे आते हैं जो नियमित रुप से किसी दूसरी बीमारी की दवा खाते हैं। ऐसे लोगों का विशेष ध्यान रखना होता है। सबके भोजन और स्वास्थ्य पर नजर रखते हैं।