अलीगढ़। स्वास्थ्य विभाग के महामारी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मोहम्मद शोएब अंसारी कोरोना वायरस से जंग में सेनापति की तरह भूमिका निभा रहे हैं। संदिग्ध मरीजों का सीधा सामना करते हैं। अब तक 108 मरीजों के स्वाब का नमूना स्वयं या अपने सहयोगी के माध्यम से ले चुके हैं। कोरोना वायरस के कारण जीवन थम गया है। सार्वजनिक स्थल भुतहा बंगले जैसे लग रहे हैं। आदमी आदमी से घबरा रहा है। खांसने और छींकने पर लोग 10 कदम पीछे हट जाते हैं। वातावरण में संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। संदिग्ध मरीजों के पास जाने से चिकित्सक तक घबरा रहे हैं। ऐसे में महामारी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मोहम्मद शोएब अंसारी जान की बाजी लगाकर संदिग्ध मरीजों के स्वाब का नमूना लेने पहुंच जाते हैं। जनपद में पहला संदिग्ध केस 7 फरवरी 2020 को पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में आया था। चीन के वुआन प्रांत से एमबीबीएस छात्र अपनी पत्नी के साथ वापस लौटा था। युवा दंपति को बुखार, खांसी और गले में शिकायत थी। समाचार फैलने के बाद दीनदयाल अस्पताल से लोग खिसकने लगे थे। संयोग अच्छा था कि युवा दंपति की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 7 फरवरी से 7 अप्रैल तक डॉक्टर शोएब 108 संदिग्ध मरीजों का नमूना स्वयं या अपने सहयोगियों के माध्यम से ले चुके हैं। 3 महीने से बिना रुके और बिना थके कोरोना जंग लड़ रहे हैं। मुश्किल से 4 से 6 घंटे सोते हैं। सुबह 8:00 से 9:00 बजे के बीच घर से निकल जाते हैं। लौटने का समय निश्चित नहीं है। जनपद में मौजूद 48 जमातियों का नमूना भी इन्होंने ही लिया था। विभागीय लोग भी इनके कार्य की प्रशंसा करते हैं। डाक्टर शोएब कहते हैं कि चिकित्सक इस लड़ाई को नही लड़ेंगे तो कौन लड़ेगा। यह हमारी जिम्मेदारी भी है। वह कहते हैं कि इस लड़ाई में स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस, जनप्रतिनिधि, प्रशासन और जनता सब का सहयोग मिल रहा है। इसे देखकर खुशी होती है। हम इस लड़ाई को जरूर जीतेंगे। खुशी की बात है कि अलीगढ़ में आज तक एक भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज नहीं मिला है।