अलीगढ़ का बहुचर्चित रोरावर श्मशान के रास्ते के सहारे बाउंड्री निर्माण को लेकर शुक्रवार दोपहर शुरू हुए विवाद का सोमवार को पटाक्षेप हो गया। कब्रिस्तान के मुतवल्ली ने खुद समाज व समिति से सहमति लेकर उस रास्ते के सहारे से बाउंड्री गिरवा दी। इसके साथ ही उन्होंने डीएम से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और जरूरत बताई। जिस पर डीएम ने उन्हें पांच सदस्यीय समिति बनाकर समस्या निस्तारण का भरोसा दिलाया है।
इस विवाद ने उस समय तूल पकड़ा, जब पता चला कि शाहजमाल कब्रिस्तान की कमेटी द्वारा रोरावर श्मशान को जा रहे रास्ते के सहारे कब्रिस्तान की बाउंड्री बनवाई जा रही है। यह वही विवादित स्थल जिसे लेकर कई दशक से विवाद चल रहा है। इस पर पूर्व मेयर शकुंतला भारती सहित तमाम भाजपाई वहां पहुंचे और पुलिस बुलाकर निर्माण रुकवा दिया। साथ में ब्रजेश कंटक की तहरीर पर शहर के माहौल को खराब करने के आरोप के तहत मुतवल्लई मुईन व उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज कराया।
इधर, इस मामले में उसी दिन यह तय किया गया कि एडीएम सिटी स्तर से जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि वहां बाउंड्री का निर्माण होना है या नहीं। इधर, मुतवल्ली मुईन के अनुसार उन्होंने इस विषय पर समाज के लोगों, कब्रिस्तान कमेटी के पदाधिकारियों व शहर मुफ्ती आदि से वार्ता की। इसके बाद सभी की सहमति से सोमवार सुबह रास्ते के सहारे खड़ी कराई गई बाउंड्री को मजदूर लगाकर गिरवा दिया। इसके बाद वे डीएम से मिले।
इस दौरान लिखित में यह दिया कि शहर के अमन को ध्यान में रखकर बाउंड्री गिरवाई गई है और प्रशासन से अनुरोध किया है कब्रिस्तान में बारिश का पानी व जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए वहां कोई वैकल्पिक इंतजाम किया जाए। इस पर डीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि एडीएम सिटी की अगुवाई में पांच सदस्यीय समिति जांच कर यह तय करेगी कि वहां क्या विकल्प हो सकता है। उसके अनुसार प्रशासन द्वारा वहां काम कराया जाएगा।
इस मामले में कमेटी बनाई गई है। वह कमेटी आज मंगलवार को वहां पहुंचकर स्थिति को देखगी। उसके बाद वहां की जरूरत तय कर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जो भी होगा, सभी की सहमति से होगा।
-मीनू राणा, एडीएम सिटी
कब्रिस्तान की भूमि से सटे रास्ते के इस विवाद को पूर्व विधायक संजीव राजा ने हमारे अनुरोध पर हल कराया था। उसी के तहत शमशान के लिए पक्का रास्ता बनवाया। अब उस रास्ते से 3 फिट दूरी पर बाउंड्री वक्फ संपत्ति में बनवाई जा रही थी। उनके देहांत के बाद कुछ लोग राजनीति कर विवाद खड़ा कर रहे हैं। मगर हमने शहर के अमन व प्रशासन के अनुरोध को देखते हुए खुद ही बाउंड्री हटवा दी है। अब प्रशासन आगे तय करेगा।
-मुईन, मुतवल्ली/सचिव शाहजमाल कब्रिस्तान
ये है इस रास्ते का विवाद
शाहजमाल कब्रिस्तान के सहारे से एक रास्ता रोरावर शमशान को जाता है। उसके आने जाने को लेकर विवाद चला आ रहा है। उस पर 1999 में एक समझौता तत्कालीन विधायक अब्दुल खालिक की मौजूदगी में हुआ था। जिसमें 33 से 45 फिट का रास्ता छोड़ा गया। उसी रास्ते पर अब यह बाउंड्री बनवाई जा रही थी। इसी रास्ते के विवाद में वर्ष 2003 में सांप्रदायिक झगड़ा हुआ था और शहर में कफ्र्यू तक लगा था। इसमें शमशान पक्ष का कहना था कि इस रास्ते पर कोई निर्माण न होना तय हुआ था, जबकि कब्रिस्तान पक्ष का कहना था कि बाउंड्री चारों ओर अपनी भूमि पर कराई जा रही थी।