फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AMU: बीएससी कृषि की मान्यता पर इंतजामिया बोली-तकनीकी खामियां होंगी दूर, डिग्री पर नहीं पड़ेगा असर

Thu, 01 Jun 2023 01:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

वर्ष 2015 में चार वर्षीय बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम शुरू हुआ था। पाठ्यक्रम में 60 सीटें हैं। दूसरे बैच के विद्यार्थियों ने परास्नातक की पढ़ाई के लिए अन्य विश्वविद्यालय में आवेदन किया, लेकिन उनके पाठ्यक्रम को मान्यता न मिलने की बात कही है।
विज्ञापन
एएमयू - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम की मान्यता को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अपनी डिग्री को लेकर विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है।

विज्ञापन


वर्ष 2015 में चार वर्षीय बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम शुरू हुआ था। पाठ्यक्रम में 60 सीटें हैं। दूसरे बैच के विद्यार्थियों ने परास्नातक की पढ़ाई के लिए अन्य विश्वविद्यालय में आवेदन किया, लेकिन उनके पाठ्यक्रम को मान्यता न मिलने की बात कही है। इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) की टीम ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण करके कुछ कमियां उजागर करके उसे दूर करने की बात कही थी। कमियों को दूर करने की कवायद शुरू हो गई थी। जल्द ही फिर आईसीएआर की टीम आएगी।

आईसीएआर ने एक मई 2023 को अधिसूचना जारी करके कृषि संकाय के साथ एसएयूएस, सीएयूएस, डीयूएस, सीयू सहित आईसीएआर-एयू सिस्टम में प्रवेश होगा। इस प्रकार, यूजी/पीजी/पीएचडी में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय/कॉलेज/कार्यक्रम से पास आउट छात्रों की आईसीएआर मान्यता अनिवार्य नहीं होगी। इस संबंध में जनसंपर्क विभाग के मेंबर इंचार्ज प्रो. आसिम सिद्दीकी ने बताया कि आईसीएआर की टीम ने जो खामियां बताई हैं, उसे दूर किया जाएगा। इससे डिग्री पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन


पहले पाठ्यक्रम फिर मान्यता की परंपरा
एएमयू में कई ऐसे पाठ्यक्रम शुरू हुए, जिसे बाद में मान्यता मिली। इनमें डेंटल कॉलेज भी शामिल है। पढ़ाई शुरू होने के बाद तीन-चार साल के बाद मान्यता मिली थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें