भाकियू टिकैट गुट के पदाधिकारियों की गाड़ियों टोल से निकालने पर तैनात कर्मियों से विवाद हो गया था। अभद्र व्यवहार को लेकर पदाधिकारियों ने विरोध किया। उन्होंने मांग थी कि अभद्र व्यवहार करने वाली महिला टोलकर्मियों को हटाया जाए। साथ ही किसान नेताओं के वाहनों को मैसेज के जरिए निकाले जाए।
भारतीय किसान यूनियन टिकैट व टोल प्रबंधन के बीच 11 मई को सहमित बन गई है। प्रबंधन के पदाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में टिकैत गुट के नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
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7 मई को भाकियू टिकैट गुट के पदाधिकारियों की गाड़ियों टोल से निकालने पर तैनात कर्मियों से विवाद हो गया था। अभद्र व्यवहार को लेकर पदाधिकारियों ने विरोध किया। 11 मई को प्रस्तावित कार्यक्रम के चलते प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा के साथ अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड के किसान नेताओं टोल के गेट नंबर एक लाइन में धरने पर बैठ गए।
उन्होंने मांग थी कि अभद्र व्यवहार करने वाली महिला टोलकर्मियों को हटाया जाए। साथ ही किसान नेताओं के वाहनों को मैसेज के जरिए निकाले जाए। सूचना पर एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, एसडीएम हीरालाल सैनी, क्षेत्राधिकारी खैर राजीव द्विवेदी पहुंच गए। किसान नेताओं से काफी देर तक वार्ता हुई जिसपर टोल प्रबंधन से मांगों को लेकर सहमित बन गई। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष विमल तौमर, जिलाध्यक्ष हापुड पवन खेडा, बब्बन चौधरी, विजय सिंह, जावेद चौहान, जाकिर चौहान, कुमर साहिब, सब्बू चौधरी, सुरेंद्र मलिक, मुस्तकीम पठान, कुमरपाल प्रधान आदि किसान नेता मौजूद रहे।