कमिश्नरी सभागार में बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। जिसमें शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण मनीष वर्मा आंकड़े लेकर उपस्थित नहीं हुए। इस पर मंडलायुक्त नवदीप रिणवा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि क्या समीक्षा बैठक को मजाक समझ रखा है।
मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों से कहा कि वह शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। विकास कार्यों को तय मानक, गुणवत्तापूर्ण एवं समय से पूरे कराएं। योजनाओं का लाभ जरूरतमंद को मिले। इसका विशेष ध्यान रखा जाए कि योजना से अपात्र लाभांवित न होने पाएं। जो निर्माण कार्य पूरे हो गए हैं उन्हें हस्तांतरित कर जनता को समर्पित किया जाए। अपूर्ण परियोजनाओं में धन आवंटन के लिए मांगपत्र भेजें। कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा जारी ग्रेडिंग में माह दिसम्बर में अलीगढ़ मंडल चौथे स्थान पर रहा। जनपद एटा 15वें, हाथरस 25 वें, अलीगढ़ 33वें एवं कासगंज 40 वें स्थान पर रहा।
आईजीआरएस निस्तारण पर जोर
आईजीआरएस संदर्भों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि शिकायत निस्तारण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायती पत्रों का निर्धारित अवधि में निस्तारित करें। सी श्रेणी के संदर्भों की संख्या को कम करने पर जोर दिया जाए, जिनसे जनपद की रैकिंग पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी मंडलीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूर्व अनुमोदन लेकर ही मुख्यालय छोड़ें। लघु सिंचाई विभाग द्वारा गलत आंकड़े प्रस्तुत करने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विगत बैठकों में भी देखने में आया है कि अधिकारी अभिलेखों और आंकड़ों को लेकर गंभीर नहीं हैं। चार महीने से सड़क से सिल्ट न हटाए जाने पर मंडलायुक्त ने सिंचाई विभाग ड्रेनेज मंडल के प्रति रोष जताया। विद्युत विभाग को लाइन लॉस कम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के अफसरों से कहा कि कि मौसम बेहतर है, बाकी कार्यों को पूरा कराया जाए।
अपर निदेशक पशुपालन के पूरी तैयारी से बैठक में उपस्थित न होने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। वह गो आश्रय स्थलों के भुगतान की स्थिति स्प्ष्ट नहीं कर सके। गोल्डन कार्ड निर्माण की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया गया। इसमें अलीगढ़ एवं कासगंज का कार्य सबसे खराब पाया गया। कर करेत्तर में वाणिज्यकर विभाग मंडल में आठवें स्थान पर है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन द्वारा बताया गया कि 90 करोड़ के सापेक्ष 66 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। आबकारी विभाग एवं विद्युत विभाग की स्थिति ठीक पाई गई। नगर निगम में प्रथम बार संपत्ति कर का पुनरीक्षण हुआ है, जिससे टैक्स में काफी वृद्धि हुई है। मंडलायुक्त ने त्योहारों पर शांति एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने, यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, एटा से अंकित अग्रवाल, कासगंज से हर्षिता माथुर एवं हाथरस से डीएम अर्चना वर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन संयुक्त विकास आयुक्त सर्वेश चंद ने किया।
एटा और हाथरस को और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता
कन्या सुमंगला योजना में एटा और हाथरस को और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता बताई। बैठक में विद्यालयों का निरीक्षण, ऑपरेशन कायाकल्प पर भी विचार किया गया। कौशल विकास मिशन, ई-डिस्ट्रक्टि पोर्टल के माध्यम से सेवाओं की स्थिति, एमएसएमई की स्वरोजगार योजनाओं में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं ओडीओपी योजना पर भी चर्चा की गई।