शहर के प्रमुख मीट निर्यातक व बसपा नेता हाजी जहीर की मीट फैक्टरी अलदुआ फूड प्रोसेसिंग यूनिट में हुए गैस रिसाव कांड की जांच अंतिम दौर में है। अवकाश से लौटने पर मंडलायुक्त गौरव दयाल सोमवार को डीआईजी दीपक कुमार संग घटनास्थल पर गए। वहां घटना की बारीकियां समझीं। कमिशभनर का कहना है कि जांच लगभग पूरी है। कुछ विभागों से फैक्टरी को लेकर ब्योरा तलब किया गया है। उसके अध्ययन के साथ ही अगले दो या तीन दिन में रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
इस प्रकरण में शासन स्तर से कमिशभनर, डीआईजी व जेडी उद्योग की एक टीम बनाकर जांच शुरू कराई गई है। जांच लगभग पूरी हो चुकी है। कमिशभनर के अवकाश से लौटने का इंतजार था। इसी क्रम में सोमवार को कमिशभनर, डीआईजी संग फिर मौके पर गए। मंडलायुक्त के अनुसार इस दौरान कुछ लोगों के बयान दर्ज किए गए।
साथ ही यह पाया गया कि जिस पाइप की वेल्डिंग कराई गई थी, उसकी थर्ड पार्टी एनओसी तक नहीं ली गई। प्रथमदृष्टया लापरवाही तो स्पष्ट है। अभी उद्योग, श्रम व फैक्टरी विभाग से कुछ रिपोर्ट तलब की गई हैं। उन्हें मिलने पर सभी पक्षों की रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा और अगले दो-तीन दिन में रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
जिले के 80 कारखानों से मांगी जाएगी अब एनओसी
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि यह दुर्घटना एक उदाहरण बन रही है। जिले में 80 ऐसे कारखाने हैं, जिनमें अमोनिया व रेफ्रिजेटर का प्रयोग होता है। इन सभी को नोटिस जारी कर अमोनिया व रेफ्रिजरेटर प्रयोग/रखरखाव/मरम्मत आदि के संबंध में थर्ड पार्टी एनओसी तलब की जाएगी। यह एक बड़ी लापरवाही सामने आ रही है कि कोई भी फैक्टरी अमोनिया उपकरणों की मरम्मत करा लेती है। मगर उसकी एनओसी नहीं लेती। ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।