कस्बा स्थित शशि शिक्षा संस्थान के प्रबंधक पर शासन की बिना अनुमति के संस्थान की भूमि व भवन को बेचने पर कानूनी शिकंजा कस गया है। मामले में नौ महीने पहले की गई शिकायत की जांच के बाद डीआईओएस के निर्देश पर रविवार को प्रबंधक के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इधर, मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल हुई। वहां से भी मुकदमे के आदेश हुए।
डीआईओएस सर्वदानंद ने बताया कि प्रबंधक नन्नू मल गुप्ता ने कस्बा निवासी गंगाराम शर्मा से वर्ष 1982 में कन्या पाठशाला के नाम से भूमि का बैनामा कराया था। जिसका दाखिला खारिज 1990 में हुआ था। वर्ष 2003 में शशि शिक्षा संस्थान के नाम से इंटरमीडिएट तक की मान्यता ली गई। तब से इसे नन्नूमल गुप्ता संचालित करते रहे थे। विद्यालय वर्ष 2021 तक चालू हालत में रहा। उसके बाद नन्नूमल ने कस्बा के घनश्याम वार्ष्णेय व श्यामसुंदर वार्ष्णेय के नाम वर्ष 2021 में संस्थान की करीब सात बीघा जमीन (खेल परिसर) का बैनामा कर दिया। कुछ समय बाद ही विद्यालय में बने कमरों को मकान दर्शाकर बैनामा कर दिया। जबकि किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय की संपत्ति को बेचना विभागीय नियमों के विरुद्ध है।
मामले में कस्बा के भगवती प्रसाद शर्मा ने 24 जून 2022 को डीआईओएस के यहां शिकायत की थी। जांच-पड़ताल के बाद डीआईओएस के आदेश पर वरिष्ठ सहायक राजीव कुमार यादव ने नन्नूमल गुप्ता पुत्र कालीचरण गुप्ता निवासी बाबू सराय हकीम अलीगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ बरला सर्जना सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।