एमएसएमई विभाग और लघु उद्योग भारती की सेमिनार में अलीगढ़ के उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए कलस्टर बनाने का प्रस्ताव आया। जिस पर सहमति बनी है। जल्द इस प्रस्ताव पर डीपीआर तैयार कराकर काम शुरू किया जाएगा और समस्याओं का समाधान पर काम होगा।
आयोजन के शुभारंभ के बाद स्वागत उद्बोधन मे उपाध्यक्ष ललेश सक्सेना ने सभी का स्वागत किया। इस दौरान कलस्टर की आवश्यकता पर विचार आए। यहां सुशील यादव कलस्टर डेवलपमेंट ऑफिसर ने सभी स्कीमों से अवगत कराया। इस दौरान अलीगढ़ की मूल आवश्यकता को देखते हुए ट्रेनिंग प्रोग्राम के विषय में सदन को अवगत कराया।
उद्यमी अजय पटेल ने कहा कि सरकार की बहुत सारी योजनाएं तो आती हैं, लेकिन पटल पर नहीं आ पाती। उनका मूलभूत लाभ उद्यमियों को नहीं मिल पाता। अलीगढ़ में एक कलस्टर विकसित करें। इस पर सुशील यादव ने प्रस्ताव पर सहमती देते हुए कहा कि उसका डीपीआर प्रस्तुत करें, जिसकी स्वीकृति 30 से 50 दिन में हो जाएगी। साथ में बताया कि जो पुराने औद्योगिक क्षेत्र हैं, उनमें भी काम होगा।
इस कलस्टर में व्यक्तिगत रूप से अपने प्रतिष्ठानों के लिए भी लाभ उठा सकते हैं। कलस्टर के अंतर्गत एक प्रदर्शनी के लिए हॉल भी बना सकते हैं। अलीगढ़ के उत्पादों का डिस्प्ले सेंटर भी बना सकते हैं। ताकि आने वाली पीढ़ी जानकार हो सके। इसमें एक ऑडिटोरियम पर भी प्रस्ताव आया।
इस मौके पर नवनीत, मनीष बंसल, संजय गोयल, लघु उद्योग भारती के प्रदेश संयुक्त महामंत्री गौरव मित्तल, डॉ. मुकेश शर्मा, लघु उद्योग भारती अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, सचिव योगेश गोस्वामी, ब्रज प्रांत कार्यकारिणी सदस्य तरुण सक्सेना, वरिष्ठ उद्यमी बीडी गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल स्पाइडर, नितिन गुप्ता घुट्टी , विष्णु भैया, जतिन जैन, ललित सक्सेना, आलोक चतुर्वेदी, प्रखर दीक्षित, अंशुमन अग्रवाल, अभिषेक वार्ष्णेय, अनंत अरोरा, नवीन वर्मा, अमित गर्ग, अतुल अग्रवाल, चंद्र शेखर शर्मा आदि थे।