सरवर क्लासेस के छात्र चिराग वार्ष्णेय को मिठाई खिलाते शिक्षक।
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जेईई एडवांस परीक्षा का परिणाम रविवार दोपहर में घोषित हो गया। इस परीक्षा में ईडब्ल्यूएस वर्ग में अतरौली निवासी चिराग वार्ष्णेय ने 594वीं रैंक हासिल करके जिला टॉप किया। उधर, बच्चों के प्रदर्शन पर कोचिंग सेंटर के शिक्षकों की नजर रही। परिणाम आते ही छात्र-छात्राओं के रोल नंबर से रैंक जानने में जुट गए।
जेईई एडवांस परीक्षा के बाद परिणाम का छात्र-छात्राएं इंतजार कर रहे थे। रविवार को परिणाम घोषित होते हुए छात्र-छात्राओं ने अपने मोबाइल से रोल नंबर को देखा। इनमें ज्यादातर विद्यार्थियों के चेहरे रैंक अच्छी न होने से लटक गए। कुछ के आंखों में आंसू आ गए, उन्हें परिजनों और शिक्षकों ने सांत्वना दी। जिनकी रैंक अच्छी थी, वह अपनी खुशी का इजहार करने कोचिंग सेंटर पहुंच गए, जहां शिक्षकों के साथ अपनी खुशियां बांटीं। शिक्षकों ने मुंह मीठा कराया और फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। शाम तक कोचिंग सेंटर में पार्टी चलती रही। ईडब्ल्यूएस वर्ग में चिराग वार्ष्णेय ने ऑल इंडिया में 594वीं रैंक हासिल की। उनके मोबाइल पर शुभकामनाओं के संदेश आते रहे।
पिता मंडी में मुनीम, बेटा बनेगा इंजीनियर
पिता रविंद्र कुमार वार्ष्णेय अतरौली की अनाज मंडी में मुनीम हैं, लेकिन अब उनका बेटा चिराग वार्ष्णेय इंजीनियर बनेगा। उन्होंने जेईई एडवांस परीक्षा में ईडब्ल्यूएस वर्ग में 594 वीं रैंक हासिल की है।
चिराग ने जब अच्छी रैंक हासिल की, तब पिता रविंद्र कुमार की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे । चिराग ने सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और परिवार वालों को दिया है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई का कोई शेड्यूल नहीं था, लेकिन जो भी पढ़ता था, उसे रटता नहीं, बल्कि समझता था। उन्होंने कहा कि उनका सपना कंप्यूटर इंजीनियर बनना है। अगर रैंक के आधार पर यह ब्रांच नहीं मिलती है, तो उनकी दूसरी पसंद मैकेनिकल इंजीनियरिंग होगी। वह दूसरी बार जेईई एडवांस परीक्षा में बैठे थे, जहां उम्मीद के हिसाब से तो नहीं, लेकिन अच्छी रैंक आई है। उन्होंने 10 वीं की परीक्षा विजडम पब्लिक स्कूल और 12 वीं एएमयू के सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 93 फीसदी अंक हासिल करके पास की है।