पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करते लेखपाल रिंकू सिंह। संवाद
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प्रदेश सरकार के राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने कहा कि पेचिस जैसी बीमारी से बच्चे की मौत हो जाना दुखद होने के साथ बेहद चिंताजनक है। इस मामले में जिस स्तर पर भी लापरवाही बरती गई है, इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदननाएं हैं। परिवार की खराब आर्थिक स्तर को देखते हुए हर संभव आर्थिक मदद के लिए एसडीएम खैर को आदेशित किया गया है।
गांव सलेमापुर शेर सिंह के छह साल के पुत्र अर्जुन को एक माह से पेचिस संबंधी शिकायत थी। उसके माता-पिता एक झोलाछाप के यहां इलाज करा रहे थे। आराम न मिलने पर झोलाछाप ने अलीगढ़ में ले जाकर इलाज करवाने की सलाह दी।
परिवार के पास आर्थिक तंगी थी। शेर सिंह के मजदूरी के कुछ रुपये कुछ लोगों के पास थे, वह भी मांगने पर नहीं मिले। किसी ने आर्थिक मदद भी नहीं की। इससे वह बेटे को इलाज कराने के लिए नहीं ले जा सके और रविवार को अर्जुन की मौत हो गई थी।
''अमर उजाला'' ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर पढ़कर राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने मामले का संज्ञान लिया। उपजिलाधिकारी खैर को मौके पर जांच कराने का निर्देश दिया। मंगलवार को गांव पहुंचकर लेखपाल रिंकू सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर बयान दर्ज किए। लेखपाल रिंकू सिंह ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता अभियान भी न आया काम
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सीएचसी-पीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं के जरिये घर-घर लोगों को सरकारी अस्पतालों से स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके बावजूद गांवों में लोगों तक सरकारी अस्पतालों में मौजूद स्वास्थ्य सेवाओं और वहां तक पहुंचने के बारे में मामूली जानकारी तक नहीं पहुंच पा रही है और अर्जुन की मौत इसका उदाहरण है।