छर्रा से किशोरी को अगवा कर दिल्ली ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 15 वर्ष कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से सुनाया गया है। साथ में जुर्माना राशि में से 30 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह के अनुसार घटना 8 दिसंबर 2014 की है। मुकदमे के अनुसार छर्रा क्षेत्र के गांव की 15 वर्षीय किशोरी अपनी मां के साथ खेत पर उपलों का बिटौरा लगवा रही थी। तभी गांव की पड़ोसन महिला उसे अपने साथ ले गई। इसके बाद मां-पिता जब घर पहुंचे तो बेटी लापता थी। घर में सामान बिखरा पड़ा था और जेवरात भी नहीं थे।
पड़ोसन से जाकर पूछा तो उसने अभद्रता कर दी। बाद में पड़ोसन का बेटा उनकी बेटी का मोबाइल यह कहकर दे गया कि उनकी बेटी इसे छोड़ गई है। मुकदमे में पुलिस जांच में कासगंज सोरों के गांव कैंठी के योगेंद्र का नाम सामने आया। साथ में किशोरी को पुरैनी के पास से बरामद किया गया।
बयानों में किशोरी ने बताया कि आरोपी उसे बाजार घुमाने के बहाने दिल्ली किराये के मकान में ले गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर योगेंद्र को दोषी करार देकर सजा सुनाई है। इधर, इसी न्यायालय ने कोतवाली में दर्ज दुष्कर्म, मारपीट व छेड़खानी के मुकदमे में आरोपी बिहारी कालोनी नगला आशिक अली की सितारा बेगम की जमानत अर्जी भी खारिज की गई है।